Thursday 20 November 2008

कांग्रेस ने थूका,बीजेपी ने चाटा

श्रीगंगानगर में कांग्रेस के दिग्गज नेता हुए राधेश्याम गंगानगर। उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा के सात चुनाव लड़े। तीन जीते, चार हारे। जो हारे शानदार तरीके से। नेता जी कांग्रेस को अपनी माँ कहते। इस बार कांग्रेस ने नेता जी को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया। नेता जी उम्मीदवारी के बिना रहा नहीं सकते थे। सीधे गए बीजेपी की चौखट पर। आज वे श्रीगंगानगर से बीजेपी के उम्मीदवार हैं। बीजेपी जो अपने आप को बड़ी आदर्शवादी, अनुशासित,नीतियों वाली पार्टी बताती है। उसने एक ऐसे नेता को अपना उम्मीदवार बना दिया जो एक सप्ताह पहले तक उसको गाली निकलता था। इस नेता को भारत माता की प्रतिमा के हाथ में वन्देमातरम वाले भगवा झंडे से भी एतराज था। आज यह नेता ख़ुद भगवे में लिपटा हुआ है। मजेदार बात ये कि जो बीजेपी नेता गत चुनाव में इसके प्रति जहर उगला करते थे वे अब राधेश्याम जी के चरणों में लोट पोट होकर अपने आप को धन्य समझ रहें हैं। सिद्धान्त,नीतियां,आदर्श सब के सब हवा हो गए। जिस नेता को जनता ने गत चुनाव में ३६००० वोटों से नकार दिया था वह इस बार चोला बदल कर जनता के बीच आ गया। बीजेपी की टिकट के दावेदार मुहं ताकते रह गए। बीजेपी के नेताओं की तो मज़बूरी हो सकती है लेकिन कार्यकर्त्ता तो मजबूर नहीं। राधेश्याम गंगानगर ने यहाँ जातिवाद का जहर घोला। अब उसको ३६ बिरादरी याद आ रहीं हैं। पता नहीं इसशहर का क्या होगा।

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