Wednesday 5 November 2008

बात बेबात ठहाके लगाओ

---- चुटकी----

सब के सब अपने
नवजोत सिद्धू को
अपना आदर्श बनाओ,
बात हंसने की
हो या न हो
बस ठहाके लगाओ।

----गोविन्द गोयल

1 comment:

राज भाटिय़ा said...

अजी हम तो नव जोत को देख कर हंसना ही भुल जाते है, ओर हेरान होते है कि भाई यह हंसे किस बात पै????
लेकिन ठहके लगाना गलत नही , हंसना चाहिये खुल कर....
धन्यवाद