Sunday, 31 August, 2008

मूर्ति का अनावरण

श्री गंगानगर की इंदिरा वाटिका में आज शाम को राजस्थान के कृषि मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टी टी ,बीजेपी के प्रदेश महामंत्री किशन सोनगरा ,नगर विकास न्यास की अध्यक्ष श्रीमती सीमा पेडिवाल ने "माँ" की प्रतीक के रूप में लगायी गई महिला की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर बीजेपी नेता महेश पेडिवाल,नगर के प्रमुख व्यक्तिआदि उपस्थित थे। समारोह में न्यास की ओर से ११ बुजुर्गो का सम्मान भी किया गया।

Saturday, 30 August, 2008

पानी छुडा कर आयेंगे--बराड़


संगरिया के विधायक श्री गुरजंट सिंह बराड़ ने कहा है कि वे पंजाब से राजस्थान की नहरों में पानी छुडाकर ही आयेंगें। आज दोपहर को उन्होंने बताया कि जीरा के निकट जहाँ कट लगाया गया था वह ठीक कर दिया गया है। श्री बराड़ ने कहा कि कल रविवार को राजस्थान की सभी नहरों में पहले की तरह पानी पंजाब की ओर से छोड़ दिया जायेगा। श्री बराड़ कल श्रीगंगानगर से पंजाब गए थे। उन्होंने वहां के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात कर हालत की जानकारी दी। राजस्थान के सिंचाई मंत्री सांवर मॉल जाट,कृषि राज्य मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टी टी भी इसी कारण से पंजाब में हैं। ज्ञात रहे कि नहरों में पानी बंद हो जाने के कारण राजस्थान के कई जिलों में पानी का संकट उत्पन्न होने की आशंका हो गई थी। [फोटो-विधायक गुरजंट सिंह बराड़]

कुम्हार समाज ने भी मांगी टिकट


श्रीगंगानगर--श्रीगंगानगर विधानसभा सीट से जातिगत आधार पर अपने अपने दलों से टिकट मांगने का सिलसिला बढता जा रहा है। आज कुम्हार समाज के कई संगठनों ने प्रेस कांफ्रेंस करके श्री प्रहलाद टाक के लिए बीजेपी टिकट की मांग की। कांफ्रेंस में श्री गंगा राम छापोला,प्रभु दयाल डाल,हरी किशन और प्रहलाद टाक आदि उपस्थित थे। श्री छापोला और श्री डाल ने कहा कि कुम्हार समाज ने बीजेपी के प्रदेश नेताओं से श्रीगंगानगर में प्रहलाद टाक को बीजेपी का उम्मीदवार बनाने की मांग की है। इन सबका कहना था कि पार्टी ने उनको टिकट देने का आश्वासन दिया है। कुम्हार समाज से जुड़े नेताओं का कहना था कि प्रहलाद टाक गत कई सालों से सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश प्रहलाद टाक को टिकट दिलाने की है। अगर उनको टिकट नहीं मिली तो कुम्हार समाज उसका समर्थन करेगा बीजेपी जिसको उम्मीदवार बनाएगी। [फोटो--प्रहलाद टाक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के साथ]

कहाँ गए आप

चुटकी

नज़र में थे जब तक
सोनिया जी की
आपने खूब किए ठाठ,
नज़र से गिर कर
नटवर जी
कहाँ चले गए आप।
--गोविन्द गोयल,श्रीगंगानगर

Friday, 29 August, 2008

किसान चौक का शिलान्यास {विडियो}

श्रीगंगानगर--एन एच १५ बाईपास चौक पर प्रस्तावित किसान चौक का शिलान्यास शाम को सांसद निहाल चंद और नगर विकास न्यास की अध्यक्ष श्रीमती सीमा पेडिवाल ने किया। इस अवसर पर बीजेपी नेता महेश पेडिवाल,श्याम चुघ सहित बड़ी संख्या में नगर और आस पास के गाँव के नागरिक उपस्थित थे। शिलान्यास के बाद न्यास अध्यक्ष और सांसद निहाल चंद ने चौक निर्माण का शुभारम्भ नीवं की ईंट रख कर किया। यहाँ समारोह भी हुआ। समारोह में सभी ने चौक का नाम किसान चौक रखने का प्रस्ताव पास किया। इस चौक के निर्माण में कई लाख रूपये खर्च होंगें। इस चौक के बनने से होमलैंड सिटी को जबरदस्त प्रचार मिलेगा। होमलैंड के डायरेक्टर श्री संजीव मित्तल सहित इस सिटी से जुड़े मुकेश गुप्ता,गुरमीत सिंह [भाजी],सुरेन्द्र गर्ग,महेंद्र जिंदल,जय प्रकाश अग्रवाल ,प्रेम जुनेजा, विपिन बंसल आदि ने चौक का निर्माण शुरू करने पर नगर विकास न्यास की चेयरमेन सीमा पेडिवाल,बीजेपी नेता महेश पेडिवाल का आभार जताया है।

मनमोहन हिट


चुटकी
मनमोहन जी हो गये
कांग्रेस में हिट,
गुरूजी को कर दिया
झारखण्ड में फिट ,
कामरेडों का काम तमाम
माया को कर रहे लाल सलाम ।
-------गोविन्द गोयल ,नारदमुनि के लिए

Thursday, 28 August, 2008

बबीता अरोडा मैदान में

श्रीगंगानगर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती बबीता अरोडा वालिया भी श्रीगंगानगर से कांग्रेस की टिकट की दावेदार है। वे अपने पति कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष श्री गुरजीत सिंह वालिया के साथ प्रदेश कांग्रेस से लेकर दिल्ली में कांग्रेस लीडर्स तक अपनी बात मजबूती से पहुँचा चुकीं राजनीति में आए उनको पहले अधिक समय नहीं हुआ मगर फ़िर भी उन्होंने एक गंभीर संभावित उम्मीदवार के रूप में अपनी पहचान बनायी है। इसी के चलते कांग्रेस पैनल में उनका भी नाम प्रदेश कांग्रेस कमेटीको भेजा गया है। वे राजनीति में आने से पहले अध्यापिका थीं। उनकी शिक्षा और व्यवहार कुशलता को देखते हुए उनको महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष बनाया गया। जिला अध्यक्ष के रूप में श्रीमती बबीता अरोडा ने अपने कार्यो से प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अपनी पहचान बनाई। गत दिनों उनकी लीडरशिप में महिला कांग्रेस ने महिलाओं के लिए एक बाद सम्मलेन करवाया। उसमें कई सो महिलाओं ने भाग लेकर श्रीमती बबीता वालिया को कुला समर्थन देने का ऐलान किया। उस समय महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विधायक ममता शर्मा भी उपस्थित थीं। श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र अरोडा बिरादरी के गढ़ के रूप में जाना जाता है। इस से बबीता की दावेदारी मजबूत हो जाती है। बबीतावालिया श्रीमती सोनिया गाँधी को अपनी आदर्श मानती है। श्रीमती बबीता वालिया ने कहा -सोनिया जी कहतीं हैं -"कह रहा है वक्त ,नारी हो सशक्त "। श्रीमती बबीता को उम्मीद है की श्रीमती सोनिया गाँधी की सोच को देखते हुए कांग्रेस पार्टी उनकी दावेदारी पर गंभीरता से विचार करेगी। [फोटो - श्रीमती बबीता अरोडा वालिया]

naradmunig: नंदा की दावेदारी

naradmunig: नंदा की दावेदारी
www.soniagandhi.org

नंदा की दावेदारी

श्री गंगानगर विधानसभा सीट से श्रीमती मनिंदर कौर नंदा कांग्रेस टिकट की मजबूत दावेदार के रूप में सामने आइन हैं। उसका कारण है कांग्रेस से उनका ३५ सालो का जुडाव ओर पार्टी के प्रति निष्ठा । उन्होंने एक भेंट में बताया कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश लीडर्स और हाईकमान के समक्ष अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। उनका कहना था कि श्रीगंगानगर इलाके में वे सालो से राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में काम कर रहीं हैं। नगर परिषद की पहली कांग्रेस सभापति के नाते उन्होंने नगर में विकास के रिकॉर्ड काम करवाए.जन जन के सुख दुःख में परिवार के सदस्य के रूप में सम्मिलित हुईं हूँ। श्रीमती नंदा ने कहा कि वे सभापति तब बनी जब राजस्थान में बीजेपी का राज था। इस बात की जानकारी उनकी पार्टी की नेता श्रीमती सोनिया गाँधी जी को भी है। श्रीमती सोनिया गाँधी ख़ुद राजनीति में महिला के आगे आने की वकालत करतीं है। श्रीमती नंदा अपने ३५ साल के राजनैतिक सफर में पार्टी में विभिन्न पदों पर रहीं है। जिस पड़ पर भी वे रहीं उन्होंने अपने काम से पार्टी के लीडर्स को प्रभावित किया। विद्यार्थी जीवन में ही उनका झुकाव कांग्रेस की रीति -नीति कि ओर हो गया था। तब वे एन एस यु आई की जिला महासचिव भी रहीं थी। उसके बाद उन्होंने कांग्रेस में पीछे नही देखा। आज वे राजस्था महिला कांग्रेस की महासचिव तो हैं ही इसके साथ साथ वे कई महिला संगठनों,सामाजिक संगठनों,मानवाधिकार समिति की सम्मानित पधाधिकारी ,सदस्य है। उनके पति श्री मलकियत सिंह नंदा इलाके के जाने मने वकील हैं। श्रीमती नंदा को उम्मीद है कि कांग्रेस टिकट का उनका दावा स्वीकार कर उनको श्रीगंगानगर से कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित करेगी। [ फोटो में श्रीमती नंदा अपनी नेता श्रीमती सोनिया गाँधी के साथ]

Wednesday, 27 August, 2008

शरीफ मुशर्रफ

चुटकी
मुशर्रफ बेचारा शरीफ था
तभी तो गद्दी छोड़ी है,
वरना तो पाक में सभी ने
अपने अपने विरोधी की
गर्दन ही तोडी है।
----नारदमुनि के लिए गोविन्द गोयल

डेरा प्रेमियों की मांग

संत राम रहीम गुरमीत सिंह के अनुयाइयों ने आज श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ लोग धर्म की आड़ लेकर समाज में जहर घोलने का काम कर रहेहै। इस के लिए प्रदेश के बाहर के लोगो को बुलाया जा रहा है। डेरा प्रेमियों का कहना है कि समागमो की आड़ में देश विरोधी और धर्मगुरुओं के प्रति टिप्पणियां करेंगे। ज्ञापन में उन लोगो के नाम दिए गएँ हैं जो बाहर से बुलाये जा रहें है। प्रेमियों ने जिला कलेक्टर से इन लोगों के जिले में प्रवेश और उनके कार्यकर्मों पर रोक लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन के अनुसार पीलीबंगा में एक डेरा प्रेमी द्वारा किया गया आत्मदाह इसी प्रकार के कार्यक्रम का नतीजा था। तब भी डेरा प्रेमियों ने प्रशासन को पहले चेताया था लेकिन प्रशासन ने कुछ नही किया था। डेरा प्रेमियों ने जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में कहा है कि हम काफी समय से शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन को सूचित कर रहें है लेकिन प्रशासन को शांतिपूर्ण तरीके से काम करने वालों की बात सुनना पसंद नहीं है। अब हमारी [डेरा प्रेमियों की] सहन शक्ति जवाब दे चुकी है। [फोटो--डेरा प्रेमी ज्ञापन के साथ। जिला कलेक्टर को ज्ञापन देते समय फोटो खींचने की अनुमति नहीं थी। ]

काम के मगर रूखे

श्री गंगानगर के जिला कलेक्टर आम जन में बेशक अपनी छवि व्यवहार कुशल अधिकारी की नहीं बना सके मगर यह सही है कि वे उनके मिलने वाले हर ज्ञापन पर तुरंत एक्शन लेते हैं। जैसे ही कोई प्रतिनिधि मंडल जिला कलेक्टर श्री भवानी सिंह देथा को किसी की शिकायत या मांगों से सम्बंधित ज्ञापन देतें हैं उसके कुछ मिनट के बाद ज्ञापन सम्बंधित विभाग के अधिकारी को भेज दिया जाता है। जिला कलेक्टर इतने से ही बस नहीं करते वे शाम को उस अधिकारी को फ़ोन करके ज्ञापन पर की गई कार्यवाही की जानकारी लेकर उसे जरुरी आदेश देते हैं। सूत्रों ने बताया की ऐसा हर रोज़ होता है। कलेक्टर अपने पास मजबूरी में कोई कम को पेंडिंग छोड़तें हैं। उनके पास फाइल पहुँचते ही उस पर जरुरी कार्यवाही आरम्भ हो जाती है। इतना कुछ होने के बावजूद जिला कलेक्टर की छवि रूखे कलेक्टर के रूप में है। वे कब किससे कैसा व्यवहार करेंगें कोई नहीं बता सकता। यह बात जिले के सभी अधिकारी भी जानतें हैं और कर्मचारी भी। नगर के कई प्रमुख व्यक्ति उनके रूखे व्यवहार का शिकार होकर अपमानित हो चुके हैं।

टिकट मांगने वालों की भीड़

जयपुर,२७अगस्त। कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने के तलबगारों की भीड़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी दफ्तर में उमड़ी हुई है। यहाँ छान बीन समिति के बैठक में शामिल होने के लिए मुकुल वासनिक,दिग्ग्विजय सिंह ,अशोक गहलोत और सी पी जोशी सहित तमाम बड़े नेता आए हुए कमेटी ने कल और आज ना केवल आवेदन लिए बल्कि इसके साथ साथ जिलो से प्राप्त पैनलों को भी देखा। जिन नेताओं के नाम पैनलों में नहीं थे उन्होंने अपने आवेदन इस कमेटी को दिए। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि यह कमेटी अब अपने हिसाब से पैनल बनाकर हाईकमान को भेजेगी। हाईकमान कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इन पैनलों पर विचार करेगा। सूत्र ने कहा कि कार्यसमिति यह भी तय करेगी कि एंटोनी समिति की सिफारिश लागु की जाए या नही,अगर लागू की जाए तो कहाँ तक। इसके बाद सितम्बर के पहले सप्ताह में छान बीन समिति की बैठक फ़िर से होगी। सूत्र ने नारदमुनि को बताया कि कांग्रेस हर हालत में अपनी सरकार राज्य में बनाना चाहती है ऐसे में वह एंटोनी समिति की रिपोर्ट यूँ की यूँ लागु करके कोई रिस्क लेना नही चाहती। क्योंकी तब बगावत होकर रहेगी। बस कांग्रेस इसी संभावित बगावत से बचने के लिए कोई बीच का रास्ता निकालने में लगी है। जिस से कांग्रेस के धुरंदर नाराज़ भी ना हों। सूत्र ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस की कोई भी समिति कुछ भी करे टिकटों का अन्तिम फ़ैसला तो दिल्ली में ही होगा।
टिकट के तलबगारों की भीड़ में श्रीगंगानगर जिले के नेता भी अपनी अपनी फाइल उठाये थे।

Tuesday, 26 August, 2008

"लुट गई दिल्ली"

जी हाँ,कांग्रेस के उन नेताओं की तो दिल्ली लगभग लुट गई जो गत विधानसभा चुनाव भारी अन्तर से हारे थे। कांग्रेस टिकट के दावेदार अब यह समझ चुके हैं कि उनको टिकट मिलने वाली नहीं है। ऐसे नेता अन्तिम हथियार के रूप में अपने बेटे,पत्नी,पुत्रवधू का नाम हाईकमान तक पहुँचने में लगे हैं ताकि उनकी राजनीति समाप्त ना हो। ऐसे नेताओं की बात नहीं बनी तो बगावत के झंडे चारों ओर दिखाई देंगे। सबसे पहले बात श्रीगंगानगर की। यहाँ से कांग्रेस के स्तम्भ श्रीराधेश्याम गंगानगर को नज़रंदाज कर कांग्रेस चुनाव जीतने की कल्पना कर सकती है? नहीं ना। यही स्थिति श्री करनपुर की है। वहां श्री गुरमीत सिंह कुन्नर ऐसी स्थिति में है कि आज के समय उनका कोई मुकाबला नही है। ऐसा ही कुछ नजारा रायसिंहनगर में श्री दुला राम का है। सादुलशहर में श्री महेंद्र सिंह बरार परिवार के अलावा है कोई जो सी पी एम के धुरंदर श्री हेतराम बेनीवाल का मुकाबला कर सके। सूरतगढ़ में तो मीलों को हराने के लिए सब तैयार हैं। अनूपगढ़ नया क्षेत्र है। वहां श्री इन्दोरा की खिचडी पक सकती है क्या?राजनीति को समझने वाले जानते हैं कि ये लीडर टिकट ना मिलने पर चुपचाप घर बैठ कर अपना राजनीतिक जीवन का अंत करने वाले नही है।अपनी आंखों के सामने ये अपनी दिल्ली लुटने देंगे क्या? तो फ़िर क्या होगा? बगावत होगी और क्या। बगावत भी ऐसी की ये लीडर्स कांग्रेस को तो किसी भी हालत में जीतने नहीं देंगे। ख़ुद जीते तो ठीक नहीं तो बीजेपी जिंदाबाद। कांग्रेस जिले में अपने आप को बचाना चाहती है तो उसके पास इन नेताओं को टिकट देने के अलावा कोई चारा नहीं है।
कांग्रेस के सूत्र ने बताया की हाईकमान ने यह तय कर लिया है कि गत चुनाव में जनता ने जिन नेताओं को बहुत अधिक मतों से हराया था उनको चुनाव में टिकट नहीं मिलेगी। आगामी कुछ दिनों में इस इलाके की राजनीति में कई उठा पटक देखने को मिल सकती है।

Monday, 25 August, 2008

नेताओं का मेला

राजस्थान में कांग्रेस छानबीन समिति की बैठक 2६-२७ अक्टूबर को होगी। इस में समिति के सभी सदस्यों के भाग लेने की उम्मीद है। कांग्रेस सूत्र ने बताया कि बैठक में समिति के सदस्य उन आवेदनों पर चर्चा करेंगे जो टिकटों के लिए मिले हैं। बैठक में प्रदेश कांग्रेस तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचे टिकट चाहने वालों के नामो पर विचार विमर्श कर उनकी सिफारिश दिल्ली की जायेगी। एक सूत्र ने बताया कि समिति की बैठक के बाद सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए अलग अलग पैनल बनाकर दिल्ली भेजा जाएगा। इस बैठक को देखते हुए टिकट के तलबगारों का जयपुर पहुंचना शुरू हो चुका है। सब लीडर अपने अपने आकाओं के पास अपनी सूरत दिखाने जा रहे हैं ताकि छानबीन के समय उनके आवेदन छलनी से छन कर कूडे दान में न चले जायें। जयपुर में टिकटों के लिए खेमेबाजी तो पहले से ही चल रही है अब इस बैठक के कारण कांग्रेस की राजनीति और गरम हो चुकी है। सब नेता अपने क्षेत्रो केचक्कर लगना छोड़ के जयपुर में सैटिंग करने में व्यस्त है। बैठक के बाद नेताओं के रुख दिल्ली की ओर हो जाएगा। क्योंकि अन्तिम फ़ैसला तो वहीँ होगा।

"माँ " की मूर्ति का उदघाटन


श्रीगंगानगर -नगर विकास न्यास ने इंदिरा वाटिका में स्नेहमयी माँ के प्रतीक के रूप में गोद में बच्चा लिए महिला की प्रतिमा लगाई है। न्यास की चेयरमेन श्रीमती सीमा पेडिवाल ने बताया कि इस प्रतिमा का उदघाटन ३१ अक्टूबर को होगा। उदघाटन समारोह के मुख्य अतिथि कृषि राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पाल सिंह टी टी होंगे। अध्यक्षता सांसद श्री निहाल चंद करेंगें। समारोह शाम को ५-३० बजे होगा। चेयरमेन के अनुसार वाटिका के नवीनीकरण पर कई लाख रूपये खर्च किए गए है। उनका कहना था कि इंदिरा वाटिका में अब पहले से अधिक निखर गई है। हर परिवार बाहर से आने वाले अपने मेहमान को इस वाटिका को दिखाने लायेगा ऐसा विश्वास है।
श्रीमती पेडिवाल ने बताया कि इस अवसर पर यू आई टी श्रीगंगानगर के
उन लोगों का सम्मान करेगी जो १०० साल या उससे अधिक उम्र के है। यह पहला अवसर होगा जब कोई संस्था शतायु जनों का सम्मान करेगी। उन्होंने सभी से शतायु जनों के नाम न्यास तक पहुँचाने का निवेदन किया है। बीजेपी के नेता श्री महेश पेडिवाल ने सभी नगर निवासियों से समारोह में आने की अपील की है। {फोटो--उस प्रतिमा का चित्र जिसका उदघाटन होना है।}

Sunday, 24 August, 2008

कृष्ण बनो प्रतियोगिता [विडियो]

श्रीगंगानगर की युवा अग्र समिति परिवार ने कृष्ण बनो प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने लाडलो को कृष्ण की वेश भूषा पहना कर उनको प्रतियोगिता में शामिल करवाया। अलग अलग उम्र के ये "कृष्ण" अलग ही छटा बिखेर रहे थे। जो बहुत कम उम्र के थे उनको कृष्ण के ड्रेस से बहुत परेशानी हो रही थी। वे मुकुट,बंसी ,धोती,अंगरखा के कारण पसीने से लथ पथ होते दिखे। छोटे छोटे कृष्ण बहुत ही मनमोहक तो थे मगर आयोजन स्थल छोटा होने के कारण सब कुछ व्यवस्थित नही था। कार्यक्रम संयोजक श्री अनुराग बंसल ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विजय जिंदल,अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र अग्रवाल,खास अतिथि श्री नरेश गोयल,डॉक्टर राकेश गोयल थे।यह प्रतियोगिता झांकी वाले बाला जी के मन्दिर में हुई थी। नगर के कई स्कूलों में भी इस प्रकार की प्रतियोगिता करवाई गई।

बूटा सिंह श्रीगंगानगर में [विडियो]

नेशनल अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री बूटा सिंह आज अपने एक दिन के श्रीगंगानगर प्रवास के दोरान कई स्थानों पर गए। वे आज उद्यान आभा रेल गाड़ी से श्रीगंगानगर आए थे। उन्होंने सबसे पहले सर्किट हॉउस में प्रेस के लोगो से बात की। उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की। दोपहर को वे पब्लिक पार्क दुकानदार संघ के अध्यक्ष श्रीराम तलवार के निवास पर आए। उनके साथ पूर्व मंत्री दुला राम,पूर्व विधायक महेंद्र सिंह बरार ,एक्स कोन्सलर दलीप सहारण सहित कई अन्य व्यक्ति थे। तलवार परिवार के सदस्यों ने श्री बूटा सिंह का हार्दिक अभिनन्दन किया। श्री बूटा सिंह ने अलग से एक कमरे में महेंद्र सिंह,दुलाराम और श्रीराम से बातचीत की। बातचीत क्या हुई इस बारे में पता नही लगा। श्री बूटा सिंह ने श्रीगंगानगर में बहुत से संगठनो से जुड़े लोगो से भी बात की। कांग्रेस के कई जनों ने उनको टिकट के लिए अपना बायोडाटा दिया। उनके निजी सुरक्षा अधिकारी श्री वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि रेलगाडी के लेट होने के कारण "साहब" का कार्यक्रम लेट हो गया। ज्ञात रहे कि श्री बूटा सिंह श्री गंगानगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके है। राजनीती से जुड़े लोगो का मानना है कि इसी कारण से श्री बूटा सिंह श्रीगंगानगर आते रहते है। आम जन की सोच भी बूटा सिंह के प्रति सकारात्मक है। क्योंकि वे श्री भैरो सिंह शेखावत की भांति अब किसी बड़े लीडर को हराना नही चाहते।

Saturday, 23 August, 2008

एक ओर प्राइवेट कालोनी [विडियो]

श्री गंगानगर के आसपास सरकार द्वारा स्वीकृत कालोनियों के निर्माण का सिलसिला लगातार जारी है। ऐसी ही एक कालोनी का निर्माण हिन्दुमलकोट रोड पर कालिया गाँव में शुरू हो चुका है। इस कालोनी का नाम है रोहिणी सिटी। इस कालोनी में कुल ६७ प्लाट है। इस में से २७ आवासीय/व्यवसायी तथा ४२ आवासीय है। कालोनी में बैंक के लिए जगह भी रखी गई है। रोहिणी सिटी के कोलोनाइजर का दावा है कि उन्होंने रोहिणी सिटी को सरकार से मंजूर करवा लिया है। ज्ञात रहे कि हिन्दुमलकोट रोड पर यही एक मात्र कालोनी है जो सरकार द्वारा स्वीकृत है। उल्लेखनीय है कि गत ४ सालो से श्रीगंगानगर के आसपास प्राइवेट कालोनी बनाने का चलन शुरू हुआ था। इन कालोनियों को लोगो का भरी समर्थन मिला। रोहिणी सिटी वालो को उम्मीद है कि उनकी कालोनी को भी भरी समर्थन मिलेगा।

घर वापसी २८ को

गत २५ साल से राजनीति कर रहे श्री गंगाजल मील का परिवार आगामी २८ अगस्त को कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाएगा। यह जानकारी इनके परिवार के सूत्रों ने दी। सूत्रों ने बताया की मील परिवार की घर वापसी जयपुर में प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय में समारोह पूर्वक होगी। कांग्रेस में श्री गंगाजल मील,श्री गंगानगर के जिला प्रमुख उनके भतीजे पिरथी राज मील,राजस्थान जाट महा सभा के अध्यक्ष राजा राम मील के साथ साथ उनके सैंकडो समर्थक भी उनके साथ ही कांग्रेस में शामिल होंगे। मील परिवार की कांग्रेस में वापसी के लिए जयपुर में शानदार समारोह होगा। जिस में कांग्रेस के कई बड़े लीडर के आने की पक्की संभावना है। पहले मील परिवार का कांग्रेस में "विलय" १५ अगस्त को होना था। फ़िर यह तारीख २३ और २५ अगस्त हुई। अब २८ अगस्त को यह कार्य होगा।
मील परिवार में श्री गंगाजल मील ने कांग्रेस से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। वे कांग्रेस में कई पदों पर रहे। उन्होंने कई बार पीलीबंगा से कांग्रेस की टिकट के लिए दावा पेश किया। लेकिन २००३ में उनके सब्र का बाँध टूट गया और वे बीजेपी में शामिल हो गए। तब उन्होंने बीजेपी की टिकट पर पीलीबंगा से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। बाद में उन्होंने अपने भतीजे पिरथी मील को आगे किया और मील परिवार उनको जिला प्रमुख बनाने में कामयाब हो गया। इस के बाद परिस्थितिया ऐसी बदली की उनका बीजेपी से ३६ का आंकडा हो गया। मील परिवार ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया और अब २८ अगस्त को विधिवत रूप से कांग्रेस में शामिल हो जायेंगे। जयपुर में सूत्रों का कहना था की मील परिवार के कांग्रेस में आने का मतलब है सूरतगढ़ से गंगाजल मील या पिरथी मील का कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ना। मील परिवार की इच्छा सूरतगढ़ में समारोह करके कांग्रेस में शामिल होने की थी। मगर कांग्रेस यह प्रचारित करना चाहती है की श्री राजाराम मील के लीडरशिप वाली राजस्थान जाट महा सभा अब कांग्रेस के साथ है।[फोटो जिला प्रमुख पिरथी मील और उनके चाचा गंगाजल मील की}

Friday, 22 August, 2008

अब क्या होगा

श्रीगंगानगर में गत दिनों मीरा चौक पर सभा करके डॉक्टर अजय मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग करने वाले अब चुप है। अब यह मुद्दा किसी के लिए मुद्दा नही रहा।उधर जिला कलेक्टर को श्री जयदीप बिहाणी की और से दिए गए एक लाख रूपये के चैक का भी कुछ नही हुआ है। आई एम् ऐ के अध्यक्ष डॉक्टर हर्षवर्धन ने श्री जयदीप बिहाणी की पहल की दिल खोल कर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनका संगठन चैक स्वीकार नही करेगा। उनका कहना था कि इसके लिए कोई कमेटी का गठन किया जाना चाहिए। वह कमेटी इस प्रकार के फंड में आने वाली रकम को देखे। डॉक्टर तो रोगी के अभिभावक को उस कमेटी के पास भेज देंगे। सभी पक्षों में समझोता हुआ या नही इस बारे में उन्होंने साफ साफ कुछ नही कहा। अध्यक्ष का कहना था कि डॉक्टर तो अपना काम करना चाहते है। प्रशासन के सूत्रों से पता चला है कि जिला कलेक्टर ने इस बारे में सी एम् एच ओ को कुछ निर्देश दिए है।
ज्ञात रहे कि गत दिवस इस मामले में काफी हंगामा मचा था। अब एक बार तो ऐसा लगता है कि सब कुछ ठीक हो गया लेकिन यह तूफ़ान से पहले की शान्ति भी हो सकती है।

श्रीगंगानगर विधानसभा चुनाव

श्री गंगानगर विधानसभा चुनाव १९९३,किसको कितने वोट मिले।
  1. श्री राधेश्याम गंगानगर --३४२५२
  2. श्री सुरेन्द्र सिंह राठोर ---३१३४५
  3. श्री भैरो सिंह शेखावत --२६३७८
  4. कुल उम्मीदवार ३० थे। वोट थे १४९०००,वोट डाले गए ९६३२९ ,वैध वोट ९५०७४।

श्री गंगानगर विधानसभा चुनाव १९९८

  1. श्री राधेश्याम गंगानगर---४०३९५
  2. श्री सुरेन्द्र सिंह राठोर---33808
  3. श्री महेश पेडिवाल---१८८८८
  4. कुल उम्मीदवार थे ११। वोट थे १४६२१७ । वोट डाले गए-९७०३४,वैध वोट-९६०५५।

श्री गंगानगर विधानसभा चुनाव २००३

  1. श्री सुरेन्द्र सिंह राठोर ---७००६२
  2. श्री राधेश्याम गंगानगर --३४१४०
  3. कुल उम्मीदवार थे ८,वोट थे १४५११०,वोट डाले गए -१०७२१९,वैध वोट-१०७१३४।

श्री सुरेन्द्र सिंह राठोर ने १९९३ का चुनाव जनता दल की टिकट पर लड़ा था। १९९८ में श्री राठोर निर्दलीय उम्मीदवार थे और श्री महेश पेडिवाल बीजेपी के। २००३ में श्री राठोर ने बीजेपी की टिकट पर चुनाव जीता था।

Thursday, 21 August, 2008

सबको हो जानकारी

डॉक्टर अजय मिश्रा के मामले में सभी पक्षों में जो भी समझोता हुआ है या होने को है उसकी जानकारी श्रीगंगानगर को होनी चाहिए। डॉक्टर को शहर बदर करने,उनको हॉस्पिटल से निकालने की मांग की गई। डॉक्टर को गिरफ्तार करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया। यह समय सीमा समाप्त हो गई। समय सीमा बांधने वालो को यह बताना चाहिए कि अब वे क्या करने वाले है? जब डॉक्टर के खिलाफ आन्दोलन सार्वजानिक हुआ तो फ़िर समझोता भी होना चाहिए। जिसे जन जन को यह पता लग सके कि इस प्रकरण में किस ने क्या खोया क्या पाया।पहले भी इस प्रकार के मामलो में किसी को पता ही नही चला कि अन्दर खाने क्या लेनदेन हुआ। हाय तोबा मचाने वाले कूल कूल क्यो हो गए। डॉक्टर नरेश बंसल हो या अजय मिश्रा उनको साफ शब्दों में इस बात की जानकारी सार्वजानिक करनी चाहिए कि उन्होंने किस को कितना भुगतान इस मामले को निपटाने में किया। लेकिन ऐसा होगा इसकी उम्मीद कम ही है। किसी बड़े व्यापारी के मामला निपटाने में पाँच सात पेटी लग जाए तो कोई खास फर्क नही पड़ता। क्योंकि अगर वह मामला न निपटाए तो उसका इस से अधिक तो नुकसान हो जाता है। श्री जयदीप बिहानी हो या श्री जगदीश जांदू,इन्होने जन जन को अपने साथ करने का काम करना है और डॉक्टर को अपना व्यापार, इस लिए विवाद तो समाप्त होना ही है और होना भी चाहिए। लेकिन यह तो सबको पता लगना ही चाहिए कि आख़िर विवाद निपटा कैसे और किस किस ने इस विवाद को निपटाने में अहम् पार्ट अदा किया। अब ऐसा क्या हो गया कि डॉक्टर अजय मिश्रा वही है जहाँ वह पहले था। जो दो दिन पहले ख़राब था एक दम से ठीक कैसे हो गया और जो समाजसेवी गुंडा था वह शरीफ हो गया। नारायण नारायण।

Wednesday, 20 August, 2008

एक लाख की फुहार [विडियो]

बिहाणी शिक्षा न्यास के अध्यक्ष जयदीप बिहाणी ने आज अपने ऐलान के अनुसार इंडियन मेडिकल असोसिएशन के नाम का एक लाख रूपये का चैक जिला कलेक्टर भवानी सिंह देथा को सोंप दिया। उन्होंने यह चैक मीडिया कर्मियों की मोजुदगी में दिया। जिला कलेक्टर के पूछने पर श्री बिहाणी ने उनको बताया कि आपात काल में अगर किसी रोगी कि मोत हो जाती है तो प्राइवेट डॉक्टर इस स्थाई फंड में से अपना खर्चा ले सकता है। जिला कलेक्टर ने चैक रख लिया और इस बारे में सी एम एच ओ से बात करने की बात कही। उधर नारद को किसी खास सूत्र ने बताया कि श्री बिहाणी और डॉक्टर नरेश बंसल में राजीनामा हो गया है। यह राजीनामा श्री रामदेव चितलांगिया ने करवाया बताया गया। श्री बिहाणी ने इस बात से इंकार किया। डॉक्टर नरेश बंसल ने नारद को बताया कि राजीनामा की बात चल रही है। शहर के कुछ लोग इस बारे में प्रयास कर रहे है। डॉक्टर बंसल ने उम्मीद जताई की शाम तक समाधान हो जायेगा। डॉक्टर खेमे ने नगर के व्यापारियों की बैठक भी इस मामले में बुलाई है। वे उनका समर्थन लेना चाहते है। चर्चा ये भी है किनगर के सभी डॉक्टर ने यह निर्णय लिया है कि अगर जयदीप बिहाणी चुनाव लड़ते है तो उनका खुलेआम विरोध किया जायेगा। { विडियो में श्री बिहानी जिला कलेक्टर को एक लाख रूपये का चैक देते हुए।}

Tuesday, 19 August, 2008

एक लाख की सफाई

श्री गंगानगर का डॉक्टर अजय मिश्रा प्रकरण अभी गरम है। इस में कई संगठनो की ओर से बयानबाजी हो चुकी है। यह अभी रुकने वाली नही लगती। कारण तो साफ है कि नेतागिरी चमकाने के ऐसे अवसर बार बार तो आते नही। मगर सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि जिस जयदीप बिहानी को इंडियन मेडिकल असोसिएशन अपना टारगेट बना रही थी उसने पहली बार इस मामले में अपना पक्ष रखा पत्रकारों से बातचीत में श्री जयदीप ने साफ साफ कहा कि आन्दोलन को लीड करने वाला केवल बिहानी नही है इसके बावजूद उसे टारगेट बनाया जा रहा है। जबकि मैंने हमेशा उनकी मदद ही की है। श्री बिहानी ने इस बारे में कई उदाहरण भी बताये। उन्होंने कहा कि आज के बाद किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में अडवांस खर्चे की रकम जमा न होने की वजह से किसी गरीब को मरने नही दिया जाएगा। इस के लिए उन्होंने अपनी ओर से एक लाख रूपये का चैक काट कर इंडियन मेडिकल असोसिएशन को देने कि बात कही। श्री बिहानी ने चैक काट कर प्रेस से जुड़े लोगो को देना चाहा लेकिन अंत में यह निर्णय हुआ कि यह चैक जिला कलेक्टर को दिया जाएगा जो उसे असोसिएशन को दे देंगे। cheque देने के लिए press से जुड़े लोग bhee shri bihani के sath जायेंगे। उसके बाद असोसिएशन का क्या रुख रहता है उसका इंतजार सबको रहेगा।
वैसे यह बात तो सब जानते ही है कि श्री बिहानी के राजनीती में खुलके आने के कारण कई जनों के पेट में मरोड़ उठने लगे । सम्भव है उन्होंने ही बिहानी कि ऐसे तैसी करने के लिए प्रकरण को श्री बिहानी बनाम डॉक्टर कर दिया।इस bare में docter naresh bansal का bayan नही मिला। उन्होंने टाइम दिया था, मगर bad में उन्होंने फ़ोन करके bayan देने से ना कर दी।

बीजेपी खाली हाथ

श्रीगंगानगर में वैसे तो बीजेपी उम्मीदवार के रूप में कई नेता सामने है। लेकिन इनमे से कोई ऐसा नही जो आज अपनी जीत का दावा कर सके। सबसे पहले बात महेश पेडिवाल की। क्योंकि आम जन महेश जी को ही बीजेपी का भावी उम्मीदवार मान रहे है। लेकिन महेश जी आज ऐसा नही मानते। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष श्री ओंम प्रकाश माथुर के आगमन के समय अपनी हालत देख ली। बीजेपी के इस भावी उम्मीदवार का किसी ने नाम तक नही लिया था। राजनीती में महेश जी से कमजोर श्री माथुर जी को माला पहना कर उनका स्वागत कर रहे थे लेकिन महेश जी को किसी ने नही पुकारा। बेचारे कर भी क्या सकते थे। महेश जी की जितनी उपेक्षा उस दिन हुई उतनी तो कभी नही हुई होगी। उसके बाद भी महेश जी टिकट की उम्मीद करे तो यह उनकी किस्मत है। आप सब जानते है कि महेश जी ने माथुर जी के सामने कोई शो नही किया । उनके लोगो ने नरेश मुन्ना को आगे कर दिया। मुन्ना जी को पता नही किस ने कह दिया कि मुख्यमंत्री आपको टिकट देना चाहती है। बस उसके बाद मुन्नाजी लग अपने काम पर। मुन्ना जी का परिवार तो शुरू से ही राजनीती में था। लेकिन संजय मुंदडा को कोई क्या करे। वे भी अपने रोकडे के दम पर अपने आप को बीजेपी टिकट कम दावेदार मान बैठे। उनको लगता है कि उनके अलावा कोई हो ही नही सकता। क्योंकि उन्होंने ही तो २००३ में बीजेपी को जीत दिलाने में सब कुछ dav पर लगा दिया था। एक नेता जी है gajendar singh bhati । वे भी line में लगे हुए है। उनके पास आज के टाइम,टाइम bhee है or आदमी भी। मगर श्रीगंगानगर की janta ने एक bar thakar जी को vidhayak chun कर देख लिया इस लिए लगता नही कि श्री ganganagar उनको किसी bhav लेगा। yu भी उनकी पहुँच तो sangthan तक ही है। कभी कभी श्री hanuman goyal को भी ग़लत fahami हो jati है कि वे भी बीजेपी के उम्मीदवार हो सकते है। जिस तरह के हालत यह बन रहे है उस से तो लगता है कि बीजेपी अपना कोई नया नेता la सकती है। वैसे राजनीती में कब क्या हो जाए कोई नही बता सकता। उम्मीद सभी को है। किस कि उम्मीद पूरी होगी किस कि नही ये तो बीजेपी के leader or उसके बाद janta ही batayegi। tab तक के लिए नारायण नारायण।

अजय मिश्रा प्रकरण [विडियो]

डॉक्टर अजय मिश्रा प्रकरण में मृतक लड़के की माँ राधादेवी न्याय की मांग कर रही है। डॉक्टर अजय मिश्रा समाजसेवी की धमकी के बारे में बता रहे है। सीओ सिटी पियूष दीक्षित मुक़दमे की जानकारी देते हुए। डॉक्टर के विरोधियो ने उनकी तीन दिन में गिरफ्तारी करने का समय दे रखा है।

Monday, 18 August, 2008

अध्यक्ष जी की सफाई [विडियो]

ऐ आई सी सी के सदस्यों को लड़किया भेजने के मामले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पिरथी पाल ने अपने ब्लाक अध्यक्ष को क्लीन चिट दी। उनका कहना था कि उनके सभी पदाधिकारी पाक साफ है। सुनिए उन्ही के शब्दों में। ------नारद

ब्लाक अध्यक्ष का कथन [विडियो]

श्रीगंगानगर में एक अखबार ने कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष पर ऐ आई सी सी के मेंबर को लड़किया भेजने का आरोप लगाया था। ब्लाक अध्यक्ष शिवदयाल ने इसका खंडन किया। उनका कहना था की ये कम राधेश्याम करता है।

डॉक्टर के खिलाफ केस

श्री गंगानगर के डॉक्टर अजय मिश्रा के खिलाफ एक महिला ने केस दर्ज करवाया है। उसका आरोप है कि डॉक्टर ने उसके घायल बेटे का इलाज़ अडवांस रकम देने से पहले करने से इंकार कर दिया। उसने घायल को लगाई गई ऑक्सीजन हटा दी जी कारण उसके बेटे कि डेथ हो गई। इस घटना के बाद से गंगानगर में बवाल सा मच गया है। कांग्रेस के कई लीडर्स ने डॉक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन लोगो ने पुलिस को तीन दिन के अन्दर डॉक्टर को अर्रेस्ट करने को कहा है। ऐसा न होने पर आन्दोलन किया जाएगा। इस से पहले इन लोगो ने डॉक्टर को गंगानगर से निकल जाने को कहा था। दूसरी और कई जात बिरादरी के के नेता अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए आगे आ गए है। उन्होंने अजय मिश्रा कि वकालत की है। अगर इस मामले में जात बिरादरी आ गई तो मामला बिगड़ सकता है। क्योंकि जी डॉक्टर के यहाँ अजय मिश्रा कम करते है वह बनिया है और जिसका बेटा मरा है वह कोई और जाति का है। ऐसे में तो सब अपनी अपनी जाति के लिए आन्दोलन करने लग जायेंगे। इस प्रकार तो नगर का माहोल बिगड़ जाएगा। डॉक्टर नेता जी को गुंडा बता रहे है और लोग डॉक्टर को कसाई। ऐसे में बात बनती नजर नही आ रही। वैसे ये बात समझ् नही आ रही कि कांग्रेस की टिकट के दावेदारों को किस ने सलाह दी कि वे इस मामले को अपने हाथ में ले। दावेदार तो और भी है उन्होंने ने तो अपना मुह बंद कर रखा है। असली नेता तो वह होता है जो दोनों साइड को राजी रखकर वाहवाही ले।जोश में होश नही रहा कि टिकट मिल गई तो डॉक्टर के वोट कैसे आयेंगे. यहाँ तो सब उल्टा हो गया नेता जी को गुंडा कहा है तो उसका परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा। अंत में यही कि डरने कि कोई बात नही है ऐसे सभी मामलो में पहले भी राजीनामे हुए हुए है और अब भी होगा। पहले ऐसे मामले में हो हल्ला करने वाले एक्टिव हो चुके है उन्होंने डॉक्टर कि चोखट पर कई फेरे लगाये है। उनका कम यही है आग लगाना या लगवाना उसके बाद उसको बुझाने के लिए आगे आना। फिलहाल तो गर्मागर्मी है। गेंद अब डाक्टरों के पले में हो देखना है कि वे हमेशा कि तरह हथियार डालते है या अपनी ताकत दिखाते है।

Sunday, 17 August, 2008

कांग्रेस का पैनल

श्रीगंगानगर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने टिकेट मांगने वालो का पैनल भेज दिए जाने की जानकारी नारद को मिली है। श्रीगंगानगर के पैनल में पहला नाम जयदीप बिहानी का बताया गया है। दूसरा किसी बबिता वालिया और तीसरा जगदीश जांदू का है। एक नेता का कहना था कि तीसरा नाम कश्मीरी लाल का भेजा गया है। इसके बाद नम्बर आया जगदीश जांदू का। अध्यक्ष जी आजकल राजकुमार गौड़ और राधेश्याम गंगानगर को जानते नही है। सादुलशहर के लिए तो अध्यक्ष जी के पास पहले नम्बर पर अपने नाम के आलावा किसी और का नाम कैसे हो सकता था। दूसरा नाम उनके दोस्त जगदीश शर्मा का जाना ही था। जगतारसिंह का नाम तीसरे नम्बर पर रख कर उनको भीअपने साथ लगा लिया। नारद को एक नेता ने बताया कि अध्यक्ष जी ने अपना नाम तीन सादुलशहर,श्रीकरण पुर और सूरत गद के लिए भी भेजा है। मतलब ये कि टिकट मिलनी चाहिए जगह चाहे कोई भी हो। वैसे श्रीकरण पुर से उन्होंने युवेंदर युरी,हरजिंदर सिंह गब्बर का नाम भी भेजा बताया गया है। इन दिनों हर नेता पैनल के नाम का पता लगाने कि कोशिश में है। मगर किसी को सही जानकारी नही मिल पा रही। जिनके नाम पैनल में नही गए वे कोई चिंता में नही है। वे जानते है कि इन पैनलों से कुछ होने वाला नही। होगा वही जो उपरवाले चाहेंगे। सब जानते है कि वर्तमान में टिकट जब मिलती है जब दावेदारों के ऊपर बैठे आका उनके लिए जोर लगाते है। टिकट तो बड़े बड़े नेता आपस में बाँट लेते है उसके बाद वे अपने बन्दों को देते है टिकट।
अध्यक्ष जी के सूत्र कहते है कि उन्होंने ने तो हर जगह से एक से अधिक नाम भेजे है। वे क्यों किसी को नाराज करे। क्योंकि हर जगह से एक से अधिक मजबूत दावेदारी के आलावा नए नेता भी थे इसीलिए अध्यक्ष जी ने किसी को नाराज नही किया। अब कोई किसी सम्बन्ध में बात बनता है तो बनाये ।

Saturday, 16 August, 2008

डॉक्टर क्या करे

अक्सर ऐसा होता है कि इलाज़ के बावजूद बीमार आदमी मर जाता है। ऐसे में कई बार डॉक्टर की शामत आ जाती है। दो दिन पहले की बात है। कुछ लोग एक डॉक्टर के खिलाफ हो गए। खिलाफ होने वालो में एक दो नेता भी थे। उन लोगो ने डॉक्टर के बॉस को अपने यहाँ बुलाया और यह फरमान जारी कर दिया कि वह डॉक्टर सिटी में नही रहना चाहिए। अब डॉक्टर कि हालत एक बार तो ख़राब हो चुकी है। वह करे तो क्या करे। उसने अपनी बात अपने साथी डॉक्टर को बताई। नारदमुनी को पता चला है कि अगर इन लीडर्स ने डॉक्टर को देश निकला दिया तो सिटी के कई बड़े डॉक्टर फरमान जरी करने वाले लीडर्स के घरो के सामने प्रदर्शन कर अपना विरोध जताएंगे। हो सकता है डॉक्टर इन लीडर्स और इनके परिवारवालों का इलाज़ न करने का फरमान जरी कर नहले पर दहला मारे। अगर ऐसा होता है तो मामला गंभीर होने में समय नही लगेगा। वैसे भी आजकल डॉक्टर पहले की तुलना में बहुत अधिक सचेत हो चुके है। वे रात को गंभीर रोगी को देखने से परहेज करने लगे है। ऐसा तो बात बिगड़ जाए तो फ़िर नेतागिरी चमकाने वाले बहुत आ जाते है। ऐसा तो होता ही रहता है।

नकारे हुए लीडर

श्रीगंगानगर जिले में गत विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मिनिस्टर राधेश्याम गंगानगर को ३४१४० वोट मिले। उनकी हार ३५९२२ वोट से हुई। श्री करनपुर से कांग्रेस के गुरमीत सिंह कुन्नर को २८०३१ वोट मिले। उनको २१७२९ वोट से हर का मुह देखना पड़ा। केसरीसिह्पुर से कांग्रेस के मिनिस्टर हीरालाल इन्दोरा को २८९९४ वोट मिले उनकी हार २९९२८ वोट के अन्तर से हुई। और आगे चले तो हम देखते है कि इसी प्रकार कांग्रेस की विजय लक्ष्मी बिश्नोई ३५००० से भी अधिक वोट से हारी। ऐसा ही हाल तत्कालीन मिनिस्टर के सी बिश्नोई का हुआ था। उनको केवल २५८५१ वोट मिले वे तीसरे स्थान पर रहे। इतनी बड़ी हार के बावजूद ये सभी लीडर फ़िर से उम्मीदवार बनने के लिए लाइन में लगे हुए है। देखना होगा कि कांग्रेस के बड़े लीडर इनको कितनी तव्वज्जो देतेहै। वैसे तो कांग्रेस के लीडर राहुल गाँधी को आगे लेन की बात करते है। दूसरी तरफ़ वे अपने बुजुर्ग हो चुके लीडर्स से छुटकारा पाना नही चाहते। पता नही उनकी यह कैसी पॉलिसी है। अगर वे राहुल को आगे लेन हेतु गंभीर है तो उनको दूसरे स्थानों पर भी बदलाव करना चाहिए। ताकि कांग्रेसके अन्य लोगो को अवसर मिल सके। वे भी तो सेवा कर मेवा खाना चाहते है। बीजेपी के पास तो लीडर ही नही है। वर्तमान में जो है वे किस काबिल है आगामी चुनाव में उनको और उनकी पार्टी लीडर्स को पता लग जाएगा।

लीडर की बात निराली

राजस्थान में इस साल विधानसभा के चुनाव होने होने वाले ह.श्री गंगानगर में कांग्रेस की और से लगातार कोई न कोई बड़ा नेता उम्मीदवारों की ज़मीन की जाँच करने के लिए आ रहा ह.हर लीडर एक ही बात कहता ह कि पार्टी ऐसे नेता को उम्मीदवार बनाएगी जो जीतने वाला होगा। अब कोई इनसे यह पूछे कि भाई आज के टाइम शरीफ आदमी तो कोई जीत नही सकता तो फ़िर तुम उम्मीदवार किसको बनायोगे। ऐसा हीहाल बीजेपी का ह। भारत में चुनाव लड़ना इतना मुश्किल हो गया कि कोई आम आदमी इस बारे में सोच भी नही सकता। इन दलों ने भारत को जातियों में बाँट दिया है। अब वे बात करते है सामाजिक समरसता की जो किसी भी हाल में सम्भव नही है।

आजादी

हिंदुस्तान में आजादी का मतलब तो अब केवल एक दिन की धूमधाम