Tuesday 4 November 2008

क्यों दिखाती हो झूठे ख्वाब

---- चुटकी----

जो सालों से नहीं मिला
वह अब मिलेगा,
स्नेह करेगा
तुम्हे पुचकारेगा,
प्यार से पूछेगा
हमसे दिल की बात,
हे सखी,क्यों तंग करती हो
क्यों दिखाती हो झूठे ख्वाब,
कुछ और ना समझ सखी
नेता जी आयेंगें
क्योंकि सामने हैं चुनाव।

---गोविन्द गोयल

3 comments:

राज भाटिय़ा said...

गोविन्द गोयल जी बिलकुल सही लिखा है आप ने यह फ़िर से झूठे ख्वाब दिखलाते है, लेकिन अब सारी सखियां सायानी हो जाये....
धन्यवाद

rahul kumar said...

bahut khoob maja aa gaya

Udan Tashtari said...

सटीक..अभी तो आयेंगे फिर ५ साल गुम!!