Thursday 23 October 2008

मोदी लाये थे संजीवनी

-----चुटकी----

ऐ ! सुनो,यूँ
शुरू करो
बीजेपी की जीवनी,
मोदी लाये थे
उसके लिए संजीवनी।

---गोविन्द गोयल

6 comments:

मिहिरभोज said...

यूं लगता है जैसे चाय का खाली कप पकङा दिया आपने...क्या ये पूरी कविता है

seema gupta said...

मोदी लाये थे
उसके लिए संजीवनी।
" kya hunma jee ne rup badal liya????"ha ha ha ha

Regards

नारदमुनि said...

mihir jee maine to kaha hee nahi ye kavita hai, maine to likha hai " chutki"

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत बढिया भाई ! घणी जोरदार चुटकी लागी म्हानै तो यो ! धन्यवाद !

makrand said...

ऐ ! सुनो,यूँ
शुरू करो
बीजेपी की जीवनी,
मोदी लाये थे
उसके लिए संजीवनी।

wah ji
nabaj acchi pakadte he
regards

राज भाटिय़ा said...

शुकर पहाड नही उठा लाये, आप की यह चुटकी बहुत ही जोर से बजी , धन्यवाद