Friday, 31 October, 2008

सिक्युरिटी का साया है

यह चुटकी उन देवी देवताओं, गुरुओं, साधू संतो,कथा वाचकों को समर्पित है जिनको अपने प्राणों की बहुत अधिक चिंता रहती है। इसी चिंता से बचने के लिए उनके चारों ओर सुरक्षा का घेरा रहता है। वैसे तो ये महानुभाव कहते हैं कि जिसने जन्म लिया उसकी मौत निश्चित है, आदमी को जीवन मरन के फेर नहीं पड़ना चाहिए। जिसने जैसे कर्म किए हैं उसको वैसे ही फल मिलेंगें। ये वे तमाम उपदेश देतें हैं जिनका उनकी अपनी जिन्दगी से कोई खास वास्ता नहीं होता।

-----चुटकी----

उफ़ ! कैसा घोर
कलयुग आया है,
"भगवान" के
चारों ओर भी
सिक्युरिटी का साया है।

--गोविन्द गोयल

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