Tuesday 14 October 2008

आतंकवाद की फसल

----- चुटकी-----
हमने एकता,सदभाव
और भाई चारे का
पौधा तो लगाया था,
लेकिन उसमें जातिवाद
और स्वार्थ
का कीड़ा लग गया,
यही वजह है कि हम
आतंकवाद की फसल
काट रहे हैं।
----गोविन्द गोयल

4 comments:

mahashakti said...

सत्य वचन महाराज

Anil Pusadkar said...

जी हां सिर्फ़ उपर ही उपर फ़सल ही काट रहे हैं,और आतंकवाद का पौधा अब जड पकड चुका है,और कइ इलाकों मे तो ये पेड बन चुका है।सही लिखा आपने।

seema gupta said...

लेकिन उसमें जातिवाद
और स्वार्थ
का कीड़ा लग गया,
यही वजह है कि हम
आतंकवाद की फसल
काट रहे हैं।
"mind blowing thought, very true, well said"

Regards

Suresh Chandra Gupta said...

जातिवाद और स्वार्थ का कीड़ा ही नहीं कुर्सी की राजनीति भी है जो उगा रही है आतंकवाद की फसल.