Saturday, 20 September, 2008

जस का तस


---चुटकी---
बनावटी आंसू
श्रद्धांजली
मुआवजा
और बस ,
उसके बाद
जस का तस।
--------गोविन्द गोयल

3 comments:

Advocate Rashmi saurana said...

sahi hai. jari rhe.

Udan Tashtari said...

बिल्कुल सटीक-पूरी बात!!

Suresh Chandra Gupta said...

सही बात है.
केवल वादे ही वादे.
पर अब भी नहीं समझे तुम इन के इरादे.