Friday, 19 September, 2008

समाज को बांटने की तैयारी

श्रीगंगानगर में अग्रवाल समाज के कितने संगठन है कहना मुश्किल है। अधिक संगठनों से होना तो ये चाहिए कि आपसी तालमेल से समाज में एकता दिखाई दे। मगर इनके लक्षण इसके विपरीत है। इस रविवार को अग्रवाल समाज के दो संगठनो के दो कार्यक्रम है। अग्रवाल जागरण मंच राजनीति के लिए सुबह ११ बजे सिटी गार्डन में कार्यक्रम कर रहा है तो अग्रोहा विकास ट्रस्ट समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए सुबह १० बजे अमर पैलेस में। दोनों स्थान पास पास है। दोनों कार्यक्रम तीन तीन घंटे से कम के नहीं होंगें। ऐसे में समाज के लोग क्या करेंगें। किस में जाकर अग्रवाल समाज की एकता मजबूत करने में अपना योगदान देंगें। दोनों संगठनो ने जो निमंत्रण पत्र वितरित किया हैं उनमे कई नाम दोनों संगठनों के निमंत्रण पत्र में हैं। अब ये नाम अपने आप छापे गएँ हैं या उनकी सहमती से ये तो इन संगठनों के पदाधिकारी ही बता सकते हैं। अग्रोहा विकास ट्रस्ट के तीन पदाधिकारियों के नाम जागरण मंच के कार्ड में हैं। अब वे अपना कार्यक्रम संभालेंगें या मंच के कार्यक्रम में शामिल होंगें। मंच ने कार्ड में अग्रवाल सभा का भी नाम दिया है जबकि सब जानते हैं कि उनकी खिचडी अलग पकती है। दोनों संगठनों ने अपने अपने कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए खास इंतजाम किया है। मंच के कार्ड पर लिखा है"दोपहर का भोजन सम्मानित अतिथियों के साथ हम सब मिलकर एक साथ करेंगें."जबकि ट्रस्ट के कार्ड पर अंकित है"१० बजे से पूर्व पधारे सभी महानुभावों को कूपन वितरित किए जायेंगे जिनमे से १० लक्की पुरस्कार ड्रा द्वारा निकले जायेंगें।" "भोजन ग्रहण करने के पश्चात ही प्रस्थान करें"। एक ओर तो समाज का लीडर बनने के लिए समाज को एक जुट करने की बात की जाति है जबकि इनकी करनी इसके विपरीत है। दोनों संगठन हर अग्रवाल से संपर्क कर कार्ड देने की बात करतें है जबकि हकीकत में कार्ड उनके ही दिए जाते है जिनसे या तो चंदा लिया जाता है या जिनको कार्यक्रम में दिखाना पदाधिकारियों की मजबूरी होती है । इनकी हकीकत इनके सामने बयान करने वालों को तो ये बुलाना बिल्कुल भी पसंद नहीं करते। ऐसे अग्रवालों को नही बुलाते जो इनसे अधिक समझदार और गरिमापूर्ण व्यवहार करने वाले होते हैं।