Monday, 22 September, 2008

सपेरे को काटा

---चुटकी---
ओह!आह!हाय रे!
ये क्या गजब
हो गया पाक में ,
सपेरे को ही
काट खाया
काले नाग ने ।


3 comments:

रंजन said...

कविता तो ठीक है.. पर आप भी कश्मीर पाक को दे आये..

संभव होतो फोटो दुसरी लगा दें

seema gupta said...

"wah kya khub khee"

Regards

Udan Tashtari said...

सटीक!!बहुत ही बढ़िया!!