Tuesday 19 August 2008

एक लाख की सफाई

श्री गंगानगर का डॉक्टर अजय मिश्रा प्रकरण अभी गरम है। इस में कई संगठनो की ओर से बयानबाजी हो चुकी है। यह अभी रुकने वाली नही लगती। कारण तो साफ है कि नेतागिरी चमकाने के ऐसे अवसर बार बार तो आते नही। मगर सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि जिस जयदीप बिहानी को इंडियन मेडिकल असोसिएशन अपना टारगेट बना रही थी उसने पहली बार इस मामले में अपना पक्ष रखा पत्रकारों से बातचीत में श्री जयदीप ने साफ साफ कहा कि आन्दोलन को लीड करने वाला केवल बिहानी नही है इसके बावजूद उसे टारगेट बनाया जा रहा है। जबकि मैंने हमेशा उनकी मदद ही की है। श्री बिहानी ने इस बारे में कई उदाहरण भी बताये। उन्होंने कहा कि आज के बाद किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में अडवांस खर्चे की रकम जमा न होने की वजह से किसी गरीब को मरने नही दिया जाएगा। इस के लिए उन्होंने अपनी ओर से एक लाख रूपये का चैक काट कर इंडियन मेडिकल असोसिएशन को देने कि बात कही। श्री बिहानी ने चैक काट कर प्रेस से जुड़े लोगो को देना चाहा लेकिन अंत में यह निर्णय हुआ कि यह चैक जिला कलेक्टर को दिया जाएगा जो उसे असोसिएशन को दे देंगे। cheque देने के लिए press से जुड़े लोग bhee shri bihani के sath जायेंगे। उसके बाद असोसिएशन का क्या रुख रहता है उसका इंतजार सबको रहेगा।
वैसे यह बात तो सब जानते ही है कि श्री बिहानी के राजनीती में खुलके आने के कारण कई जनों के पेट में मरोड़ उठने लगे । सम्भव है उन्होंने ही बिहानी कि ऐसे तैसी करने के लिए प्रकरण को श्री बिहानी बनाम डॉक्टर कर दिया।इस bare में docter naresh bansal का bayan नही मिला। उन्होंने टाइम दिया था, मगर bad में उन्होंने फ़ोन करके bayan देने से ना कर दी।

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