Tuesday 19 August 2008

बीजेपी खाली हाथ

श्रीगंगानगर में वैसे तो बीजेपी उम्मीदवार के रूप में कई नेता सामने है। लेकिन इनमे से कोई ऐसा नही जो आज अपनी जीत का दावा कर सके। सबसे पहले बात महेश पेडिवाल की। क्योंकि आम जन महेश जी को ही बीजेपी का भावी उम्मीदवार मान रहे है। लेकिन महेश जी आज ऐसा नही मानते। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष श्री ओंम प्रकाश माथुर के आगमन के समय अपनी हालत देख ली। बीजेपी के इस भावी उम्मीदवार का किसी ने नाम तक नही लिया था। राजनीती में महेश जी से कमजोर श्री माथुर जी को माला पहना कर उनका स्वागत कर रहे थे लेकिन महेश जी को किसी ने नही पुकारा। बेचारे कर भी क्या सकते थे। महेश जी की जितनी उपेक्षा उस दिन हुई उतनी तो कभी नही हुई होगी। उसके बाद भी महेश जी टिकट की उम्मीद करे तो यह उनकी किस्मत है। आप सब जानते है कि महेश जी ने माथुर जी के सामने कोई शो नही किया । उनके लोगो ने नरेश मुन्ना को आगे कर दिया। मुन्ना जी को पता नही किस ने कह दिया कि मुख्यमंत्री आपको टिकट देना चाहती है। बस उसके बाद मुन्नाजी लग अपने काम पर। मुन्ना जी का परिवार तो शुरू से ही राजनीती में था। लेकिन संजय मुंदडा को कोई क्या करे। वे भी अपने रोकडे के दम पर अपने आप को बीजेपी टिकट कम दावेदार मान बैठे। उनको लगता है कि उनके अलावा कोई हो ही नही सकता। क्योंकि उन्होंने ही तो २००३ में बीजेपी को जीत दिलाने में सब कुछ dav पर लगा दिया था। एक नेता जी है gajendar singh bhati । वे भी line में लगे हुए है। उनके पास आज के टाइम,टाइम bhee है or आदमी भी। मगर श्रीगंगानगर की janta ने एक bar thakar जी को vidhayak chun कर देख लिया इस लिए लगता नही कि श्री ganganagar उनको किसी bhav लेगा। yu भी उनकी पहुँच तो sangthan तक ही है। कभी कभी श्री hanuman goyal को भी ग़लत fahami हो jati है कि वे भी बीजेपी के उम्मीदवार हो सकते है। जिस तरह के हालत यह बन रहे है उस से तो लगता है कि बीजेपी अपना कोई नया नेता la सकती है। वैसे राजनीती में कब क्या हो जाए कोई नही बता सकता। उम्मीद सभी को है। किस कि उम्मीद पूरी होगी किस कि नही ये तो बीजेपी के leader or उसके बाद janta ही batayegi। tab तक के लिए नारायण नारायण।

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