Sunday 18 October 2009

राम-राम,राम-राम


आज बस राम-राम। दोस्त को भी और उनको भी जो मुझे अपना दुश्मन समझतें हैं या वो मेरे दुश्मन है। राम राम अपनों को भी,परायों को भी। अच्छे को भी, बुरे को भी।
इस धरा पर रहने वाले सभी जीवों को, जड़ को, चेतन को, अवचेतन को दिवाली की राम-राम। तस्वीर बीबीसी से साभार ली गई है। बीबीसी का धन्यवाद करता हूँ।

13 comments:

वाणी गीत said...

शुभ दीपावली ...!!

RAJ SINH said...

aapko deep paev kee shubhkamnayen .

aur RAM RAM !

vinay said...

अच्छा विचार दिवाली की शुभकानायें ।

परमजीत बाली said...

राम राम।

MANOJ KUMAR said...

हे राम, ... आराम, ... पूर्ण विराम।

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

राम राम !!

श्रीश पाठक 'प्रखर' said...

बड़ी विनम्रता दिखाई नारद जी ने, नारायण, नारायण..:)
श्रीमन, आपको प्रकाशपर्व की अनगिन बधाइयाँ....

शरद कोकास said...

दोस्तो का तो हमे पता है आपके दुश्मन भी है क्या ? चलिये अब आपने उन्हे भी शुभकामनाये तो दे ही दे है ।

Dr.R.Ramkumar said...

नारायण नारायण ....राम तो आज दुश्मनों को मिटाकर घर आए हैं मुनिश्रेष्ठ....पर दिए तो सबके नाम के जलने चाहिए.........
गुलों से खार बेहतर हैं जो इदामन थाम लेते हैं...... दीपावली सुशुभ आपको ....जै जै राम

safat alam said...

सुन्दर पोस्ट है।

संजय भास्कर said...

बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.

SANJAY KUMAR
HARYANA
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

संजय भास्कर said...

बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.

SANJAY KUMAR
HARYANA
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

Raju (world's king) said...

ram ram narad bhaiya