Wednesday, 14 October, 2009

बताओ तो बात बने

ये क्या है? ऐसा लगता है जैसे कोई फसल हो। वैसे अगर आप अपना वो......... क्या कहते हैं उसे..........दिमाग ना भी इस्तेमाल करो तब भी आप को पता लग जाएगा कि ये फुलझड़ी की फसल है।

4 comments:

संगीता पुरी said...

इन्‍हें ऐसे सुखाया जाता है क्‍या ?

Udan Tashtari said...

फुलझड़ी निर्माण प्रक्रिया का यह अंश रोचक रहा.

Murari Pareek said...

फुलझडी प्लांट ऐसा होता है !! आज पता चला !!

MANOJ KUMAR said...

मन में फूलझड़ी छूटने लगे, कि मैं जान गया। नारायण, नारायण।