Monday 19 October 2009

अपमान को कर कैश

---- चुटकी----

जिंदगी में
चाहता है
अगर तू
हर पल ऐश ,
स्वाभिमान को
भूल जा,
अपमान को
कर कैश।

12 comments:

M VERMA said...

नजरिया अपना अपना

Udan Tashtari said...

सोच की बात है भाई

Dr.R.Ramkumar said...

Cash hai to aish hai, chahe aise chahe vaise...jaijairam

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' said...

विश्व एक परिवार है, सब हों सबके मीत.
सबके सुख-दुःख एक हों, 'सलिल' बनायें रीत.

divynarmada.blogspot.com

पी.सी.गोदियाल said...

आप में पूरे राजनितिक गुण है !

राज भाटिय़ा said...

पता नही था, अजी आप तो नेताओ की सी बात कर रहे है.धन्यवाद

संजय भास्कर said...

काबिलेतारीफ बेहतरीन


SANJAY KUMAR
HARYANA
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

संजय भास्कर said...

APMAN KO KAR KAISH
ATI SUNDER


SANJAY KUMAR
HARYANA
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

प्रदीप कांत said...

स्वाभिमान को
भूल जा,
अपमान को
कर कैश।

HALAT TO YAHIN HAIN>

चाहत said...

अपमान को कर कैश
बहुत बड़ी बात है
शायद ही कोई करना चाहेगा

ujjwal subhash said...

ek dam sach kaha aaj wo hi esh kar rahe hain jinhone swayam ko or swabhiman ko bech diya hain or evaz main uski leaaye hain esh or aram......

bahut sateek......

acha laga aap ke yanha aker.....

aap ke sabdon se meri rachna kritarth huyee......aap ka abhar

Roshani said...

बहुत ही बढ़िया नारायण जी