Monday 22 December 2008

मंदी की मार, पत्रकार बेकार

श्रीगंगानगर में पत्रकारों पर मंदी की मार का असर होने लगा है। हिंदुस्तान के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया ग्रुप दैनिक भास्कर के श्रीगंगानगर संस्करण से दो पत्रकारों को नौकरी से अलग कर दिया गया है। इसके विरोध में आज राजस्थान पत्रकार संघ और श्रमजीवी पत्रकार संघ ने अखबार के स्थानीय ऑफिस के आगे धरना देकर एक ज्ञापन कार्यकारी सम्पादक को दिया। ज्ञापन ग्रुप के चेयरमेन के नाम था। धरना स्थल पर अखबार के प्रतियाँ जलाई गईं। यह पहला मौका था जब पत्रकारों के संगठनो ने पत्रकारों को निकाले जाने के विरोध में धरना दिया। श्रीगंगानगर में बड़ी संख्या में दैनिक अख़बार प्रकाशित होते हैं। यहाँ अक्सर कोई ना कोई अखबार के sanchalak किसी reporter को रखते या नौकरी से अलग करते रहें हैं।तीन माह पहले तो एक चलता दैनिक अख़बार समाचार भारती अचानक बंद कर दिया गया। वी ओ आई ने अपना श्रीगंगानगर ऑफिस बंद करके कई जनों को चलता कर दिया था। तब किसी ने इस प्रकार का विरोध नही किया। चलो, देर आयद दुरस्त आयद। उम्मीद है यह सिलसिला बरक़रार रहेगा।

3 comments:

Alag sa said...

मंदी का असर सारे विश्व में है। हमारे यहां भी है जरा कम ही सही। फिर भी यदि कोई इसका सहारा ले किसी की रोजी रोटी छीनता है तो यह गलत है। किसी भी तरह आमदनी बढाने की सोची जानी चाहिये और दूसरे गैर जरूरी खर्चों को कम करने का सोचा जाना चाहिये। पर किसी परिवार को मोहताज करना मानवियता नहीं है।

अशोक मधुप said...

यह तो हर जगह हो रहा है। गंगा नगर के पत्रकार बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने इसके सामूहिक विरोध का निर्णय लिया।

राज भाटिय़ा said...

यह तो बुरा हो रहा है, एक पत्रकार के साथ.
धन्यवाद जानकारी के लिये