Monday 14 September 2009

भारत रत्न जयराम रमेश को

ख़बर--केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन राज्य मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) जयराम रमेश ने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को करोड़ों हिन्दुओं के आराध्य देव भगवान शंकर के समान बताकर एक और अनावश्यक विवाद तो खड़ा किया ही है, हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति के अपमान का अक्षम्य अपराध भी किया है। श्री रमेश ने शनिवार को अपनी भोपाल यात्रा के दौरान महात्मा गान्धी की तुलना ब्रह्मा और नेहरूजी की तुलना भगवान विष्णु से कर डाली।

---- चुटकी----

गाँधी ब्रह्मा

नेहरू विष्णु

जिन्ना महेश,

आपका तो

भारत रत्न

पक्का हुआ

जयराम रमेश।

8 comments:

हेमन्त कुमार said...

अच्छा लिखा । आभार ।

Nitish Raj said...

ये दूसरे संदर्भ में कहा गया था कि जिन्ना थो शंकर जी थे। शंकर जी को विनाशक भी माना जाता है और जिन्ना को भी भारत का विनाशक माना गया। भगवान से तुलना वगैरा नहीं की है।
हर कोई जसवंत या आडवाणी नहीं होता।
धन्यवाद।

संदीप शर्मा said...

हमेशा की तरह आपका "तरकश" (शायद आपको याद होगा) आज भी जीवंत है...

वाणी गीत said...

संजीदा व्यग्य ...चापलूसी में नोबल पुरस्कार दिया जाये तो इन्हें ही मिलेगा ..!!

शरद कोकास said...

भाई भारत का भला तो यह सातों मिलकर भी नही कर सकते .. दृश्य होते तो कुछ कह सकते थे !!!

चंदन कुमार झा said...

अब क्या कहा जाय !!!!!!!

गुलमोहर का फूल

indian munch said...

खरी-खरी सुनाने की जो चुटीली अदा आपकी है उसके क्या कहने साहब। आपके व्यंग्य वाकई लाजवाब हैं, आपके ब्लॉग से वाकई काफी कुछ जानने को मिला।
धन्यवाद

indian munch said...

खरी-खरी सुनाने की जो चुटीली अदा आपकी है उसके क्या कहने साहब। आपके व्यंग्य वाकई लाजवाब हैं, आपके ब्लॉग से वाकई काफी कुछ जानने को मिला।
धन्यवाद