Saturday 12 September 2009

हो जाते हैं फुर्र

---- चुटकी-----

चिदम्बरम ने
न्यूयार्क में सीखे
सुरक्षा के गुर,
भारत आते ही
सब के सब
हो जाते हैं फुर्र।

7 comments:

Kajal Kumar said...

यही तो अंतर है गुरू व महागुरू में

संजय तिवारी ’संजू’ said...

आपकी लेखन शैली का कायल हूँ. बधाई.

हेमन्त कुमार said...

बहुत खूब । आभार ।

Udan Tashtari said...

बेहतरीन!

sunil patel said...

In very few words you have expressed the truth. Very nice.

लता 'हया' said...

shukria,shukria.
aapki chutkiyan behad manoranjak aur ghatak hain.

CHETNA said...

narayan narayan sir.
bhut badiya