Friday 10 April 2009

जूता फेंका हुआ बवाल

---- चुटकी----

जूता फेंका
हुआ बवाल
सज्जन,टाईटलर गए
अपने घर जी,
इसी को
कहतें हैं डेमोक्रेसी
व्हाट एन
आइडिया सर जी।

7 comments:

Udan Tashtari said...

सही आईडिया.

Nirmla Kapila said...

वाह क्या तुक भरा आइडिया है

Anil Pusadkar said...

नारायण,नारायण्॥

paricharcha said...

व्हाट एन आईडिया सर जी.

Vivek Rastogi said...

ये है कांग्रेस क्रेजी, डेमोक्रेसी..

परमजीत बाली said...

सही आईडिया है सर जी।

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

नारदमुनीजी कि जय हो!!!!