Sunday 1 May 2011

फेस टू फेस हर रोज
जो मिलते हैं हमसे
उनसे बात करने का
ना तो समय है ना मन,
फेसबूक पर अंजान
दोस्तों से घंटों मगर
बातें करते हैं हम।