Friday 4 September 2015

जागरूक नागरिक का गृह मंत्री को पत्र, हेलमेट को बताया अव्यावहारिक



श्रीगंगानगर। नगर के जागरूक नागरिक रवि सरावगी ने राजस्थान के गृह मंत्री को पत्र लिख हैलमेट की  अनिवार्यता संबंधी आदेश को  अव्यावहारिक बताया है। श्री सरावगी ने अपने पत्र मेँ गृह मंत्री को लिखा है कि  क्या इसके लिये छोटे शहरों और कस्बों की सड़कों की हालत और उनकी भौगोलिक स्थिती का अध्ययन किया गया है??  गंगानगर जैसे शहर जहां प्रति सौ फुट के बाद चौराहा है, बीस से अधिक की स्पीड पर वाहन चलाना मुश्किल है, और सड़कों में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में सड़कें हैं, एैसे में हैलमेट सुरक्षा नहीं बल्कि बोझ है श्री सरावगी के अनुसार हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश देना पहले से ही आपकी सरकार द्वारा उत्पीड़ित गंगानगर की जनता के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। श्री सरावगी का कहना है कि  यदि सुधार करना है तो. शहरी क्षेत्र में तेज दूधिया लाईटें लगाकर हाईबीम पर चलने वाली गाड़ियों के चालान काटना, ओवर लोडेड ट्रैक्टर ट्रालियों, ट्रकों, थ्रीव्हीलरों को सीज़ करने,.शहरी क्षेत्र में बड़े साईज की स्कूली बसों का संचालन बंद करने, अवैध रूप से रात्रिकाल में लकड़ी का परिवहन करने वाले ऊंटगाडा से प्रतिवर्ष कितने लोग मरते हैं उन पर बैन लगाने , और साथ ही यह सर्वे करवाने का आग्रह किया है  कि शहरों में हैड इंज़री से कितने और बसों ट्रकों और ट्रैक्टर ट्रालियों के नीचे दबकर कितने लोग मरे हैं सरावगी के अनुसार इस सर्वे के बाद ही श्रीगंगानगर मेँ हेलमेट की अनिवार्यता के आदेश देने चाहिए। 

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