Friday, 25 February, 2011

बिना शीर्षक के


एक क्षण में
एक बार नहीं
कई बार
मोबाइल फोन
टटोलता हूँ, फिर
अपने आप से
बोलता हूँ
किसका आएगा
किसके पास जायेगा
फोन,
एक एक करके
सब तो चले गए
बात करने वाला
रहा है कौन?
सबके सामने है
अहम् की दीवार
अपना मौन
तोड़ेगा कौन!


1 comment:

राज भाटिय़ा said...

बहुत ही कडबा सच.......