Tuesday 9 June 2009

इम्पोर्टेंट ऑफिस रुल

रुल-१-- बॉस इज ऑलवेज राइट।
रुल-२-- इफ बॉस इज रोंग, प्लीज सी रुल नंबर फर्स्ट।

ऐसे में कोई क्या कर लेगा। है कि नहीं।

6 comments:

Science Bloggers Association said...

यस बॉस।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

श्यामल सुमन said...

हाँ कहना हर हाल में यही "बास" का "रूल"।
हिम्मत से गर न कहें बन जायेंगे "फूल"।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.

Udan Tashtari said...

जी बॉस..जैसा आप कहें..वैसा ही कर लेगा.

नारायण..नारायण!

डॉ. मनोज मिश्र said...

यस बॉस-यस बॉस-यस बॉस

RAJNISH PARIHAR said...

क्या नारद मुनि जी आप तो कुछ मौलिक पेश करते...ये तो कितनी ही जगह पढ़ चुके है...

राज भाटिय़ा said...

इस लिये हम ने अपना कोई बास नोकर रखा ही नही,लेकिन यह सब जगह नही, हमाए यहां तो मालिक भी अपनी गलती पर माफ़ी मांग लेता है, ओर बास तो फ़िर हमारा कुलिग ही है कोई भगवान नही.
धन्यवाद