Tuesday 23 June 2009

नो कमेन्ट प्लीज़

videoश्रीगंगानगर में अज्ञात व्यक्ति ने एक लड़की पर तेजाब डाल दिया। लड़की ५५प्रतिशत जल गई है। उसकी एक आँख की रोशनी जाती रही। लड़की नर्सिंग कॉलेज में सेकंड इयर की छात्रा है। उसकी हालत देखते हुए उसको श्रीगंगानगर से बीकानेर रेफर किया गया है। घटना के समय लड़की अपने घर की छत पर सो रही थी, ऐसा बताया गया है। फिलहाल इतना ही।

15 comments:

Dhiraj Shah said...

आप कहते है कि नो कमेंट , क्या यह वाजीब है।

Murari Pareek said...

ok, koi comment nahi karenge !! comment karne layak koi baat nahi hai!! dukhad vishay hai

लवली कुमारी / Lovely kumari said...

ठीक ही तो है नो कमेन्ट ..लड़की ने कपडे सही नही पहने होंगे ..बेचारा आदमी क्या करता प्रेम निवेदन अस्वीकार होने पर

राज भाटिय़ा said...

हुआ तो बहुत गलत, ऎसा होना नही चाहिये, क्योकि यह एक अमानविया हरकत है, लेकिन एक अज्ञात व्यक्ति किसी की छत पर वो भी जहां लडकी सोई हो केसे आ गया ?? चलिये हम भी कोई कामेंट नही करते .
नारायण नारायण

Science Bloggers Association said...

नीचता की पराकाष्‍ठा है यह।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

संगीता पुरी said...

सही है .. मानव जब पशु से बदतर हरकत करे .. तो क्‍या कमेंट किया जा सकता है ?

अजय कुमार झा said...

सिर्फ इतना की जिसने ये किया उसे भी किसी तेजाब के टैंक में डाल कर जला नहीं गला देना चाहिए...

रंजना said...

आपने सही कहा...इसपर कमेन्ट करने के लिए शब्द ढूंढ़ना असंभव है..

Udan Tashtari said...

क्या कहें!!

mahashakti said...

धृणित कृत्‍य

डॉ .अनुराग said...

डालने वाले को अस्पताल ओर उसके बाद की सर्जरी का न केवल पूरा खर्चा देने का आर्थिक दंड हो...कडा शारीरिक श्रम का कारावास मिले जिसकी कमाई इसी लड़की को दी जाए ...क्यों सरकार इस अपराध को गंभीर अपराध की विधा में नहीं डालती ....ओर कडा कारावास देती...जिससे किसी इंसान का पूरा जीवन नष्ट हो जाता है .

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

उफ़्फ़्‌...!

कौतुक रमण said...

:(

satish kundan said...

मन बिचलित हो गया...

डा. अमर कुमार said...


वाकई इस मानसिकता पर टिप्पणी देना कठिन है ।