Wednesday 10 June 2009

प्रेम-प्रसंग में मचा बवाल

श्रीगंगानगर में आज दिन में लड़का-लड़की के कथित प्रेम-प्रसंग में बवाल मच गया। लड़की अरोड़ा और लड़का सिख समाज का है। लड़के का कहना है कि लड़की के परिजनों ने उसकी कार को आग लगा दी। उसके बाद उन्होंने उसको[लड़के] भी जलाने की कोशिश की। लड़के का आरोप है कि उसकी दाड़ी के बालों को आग लगाई गई,जिसको तुंरत भुजा दिया गया। इस चक्कर में उसके[लड़के] के हाथ झुलस गए। उप पुलिस अधीक्षक विपिन शर्मा ने बताया कि इस बारे में मुकदमा दर्ज हो चुका है। सिख समाज के लोगों के दवाब में पुलिस एक बार तो आरोपी को अपने साथ थाने ले आई। घटना की सुचना मिलते ही बड़ी संख्या में सिख युवकथाना में पहुँच गए थे। उन्होंने लड़की के पिता के घर भी घेरा डाल दिया था। अगर पुलिस वहां ना पहुँचती तो कुछ भी हो सकता था। पता चला है कि लड़की-लड़की का प्रेम कई सालों से चल रहा था। कुछ समय पहले इस सम्बन्ध में पंचायत भी हुई थी। जिसमे मामला निपटा लिया गया था। लड़के ने लड़की के प्रेम पत्र,फोटो आदि सभी सामान लड़की के परिजनों को वापिस कर दिया था। विडियो में लड़के का बयान। दूसरे विडियो में पुलिस अधिकारी का बयान,पुलिस आरोपी को ले जाते हुए।

9 comments:

राम त्यागी said...

how do you add the video in the post ? pls guide

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

नारायण...नारायण,
नारद मुनि जी नमस्कार...लगता है आजकल प्रेम प्रसंग पर आप का ध्यान ज्यादा है...लगता है समय के साथ आप भी बदल गये हैं.....
समकालीन ग़ज़ल पत्रिका का प्रकाशन हो गया है...आप के सुझावों की बहुत आवश्यकता है।स्तम्भ कैसे हैं ?जरूर बतायें....

राज भाटिय़ा said...

वाह हमे तो सुना था कि धर्म नही सिखाता आपस मै बेर करना, बल्कि प्यार सिखाता है.
वेसे आज कल प्यार भी बहुत ज्यादा मिअलने लग गया है , हर नुक्कर पर, हर कालेज मे, ओफ़िस मै झाडियो के पीछे,....
हमे क्या बाबा नारायण नारायण

Nitish Raj said...

ये तो पूरी रिपोर्टिंग होगई। ऑडियो, वीडियो और स्क्रीप्ट संग में। वाह भई वाह।

Murari Pareek said...

प्यार मैं लोच्चा न हो तो प्यार क्या है पहले अलग टाइप का लोच्चा था अभी अलग टाईप का लोच्चा है,

jamos jhalla said...

kyonki ye to ISHQ ishq hai ISHQ

डॉ. मनोज मिश्र said...

यह तो हो ही रहा है .

satish kundan said...

नारदमुनी जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया की आप मेरे ब्लॉग से जुड़े.

ओम आर्य said...

आज का ही तमाशा नही है यह हमेशा से ही होता रहा है ......पर अच्छी प्रस्तुति