Sunday 4 September 2011

आधार पहचान का प्रमाण है नागरिकता का नहीं


श्रीगंगानगर-भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा बनाये जा रहे "आधार" आई कार्ड अब लोगों के घरं में पहुंचने शुरू हो चुके हैं। आठ इंच लम्बे इस कार्ड के दो पार्ट हैं।एक पार्ट को काट कर व्यक्ति अपनी पहचान के लिए उसे अपने साथ रख सकता है। उस पर उसकी फोटो के साथ उसका नाम,पता लिखा है। १२ डिजिट में आधार नम्बर है। साथ में लिखा है आधार-आम आदमी का अधिकार। सबसे ऊपर तीन रंग रंग में हिंदी अंग्रेजी में भारत सरकार और भारतीय विशिष्ट नागरिक प्राधिकरण लिख है। कार्ड के पीछे कुछ निर्देश लिखे हैं। जिसके अनुसार आधार पहचान का प्रमाण है,नागरिकता का नहीं। दूसरा-पहचान का प्रमाण ऑन लाइन औथन्टीकेशन द्वारा प्राप्त करने को कहा गया है। किसी प्रकार की मदद के लिए १८०० १८० १९४७ पर सम्पर्क किया जा सकता है। या उनके पते पर चिठ्ठी भेजें। जो कार्ड पर लिखा है। कार्ड बहुत ही बढ़िया ढंग से बनाया गया है। गुड लूकिंग है। अगर प्रेषित ने स्वीकार करने से मना कर दिया। वह मृत है। पता पूरा नहीं है। प्रेषित नहीं पाया गया। या कोई दावेदार नहीं है कार्ड वापिस बेंगलुरु चला जायेगा।


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