Tuesday 25 May 2010

प्यारे मोहन छोड़ोगे कब

---- चुटकी----

राहुल के लिए
छोड़ सकता हूँ
अपना पद,
पर
प्यारे मोहन
ऐसा करोगे कब।

9 comments:

kunwarji's said...

ये तो वफादारी निभाने की की एक अदा है........

सादगी जिस पर सब फ़िदा है.....

कुर्सी-मोह इस से अलग,बिलकुल जुदा है.....वो नहीं छूट सकती....

कुंवर जी,

माधव said...

दिल नहीं दिमाग कह रहा है

मेरा ब्लॉग -http://www.madhavrai.blogspot.com/

पापा का ब्लॉग
http://www.qsba.blogspot.com/

दिवाकर मणि said...

इतनी जल्दी क्या है
छूट ही जाएगी
जब राहुल बेबी का कोर्सवर्क पूरा हो जाएगा.

Rekhaa Prahalad said...

क्या राहुल, मोहन से सक्शम है?

SKT said...

...और कद !

राज भाटिय़ा said...

क्या देश इस निक्क्मे खान दान की गुलामी के लिये ही आजाद हुआ है, मनमोहन प्यारे बात तब बनती जब कहते है देश के लिये इन से लडने को भी तेयार हुं

sangeeta swarup said...

बहुत बढ़िया चुटकी....

राजेन्द्र मीणा said...

अच्छा कटाक्ष ....सही है .....पर कब ??????????????????????????????

MUKESH SAHU DA GANGANAGAR SUPRIMO said...

narad muni ji the to hada par mar di manmohan ji k