Saturday 22 May 2010

उफ़! चार साल है मेरे यार

केंद्र में श्री मनमोहन सिंह की सरकार एक साल की हुई।

---- चुटकी---

एक साल में
खूब पड़ी
महंगाई की मार,
पर अभी भी
चार साल
बाकी हैं
मेरे यार।

9 comments:

माधव said...

दिल्ली वालो के लिए मनमोहन शीला का एक साल का सौगात
डी टी सी का भाडा बढाया
पानी की दर तीन गुना बढाया
एल पी जी का दर बढाया
पेट्रोल डीजल का रेट बढाया
सी एन जी का रेट बढाया

दिलीप said...

intzaar antim saal ka kijiye ham sab bhool jaayenge...aur fir gadhon ko raja banayenge

सुनील दत्त said...

मेरे भाई जो फूट डालो और राज करो की निती चल रही है इसमें कुछ वर्ष और जोड़ दो ।
बैसे कविता आपकी बहुत अच्छी है

Rekhaa Prahalad said...

यही रोना है हर बार !

Udan Tashtari said...

गुजारना तो पड़ेगा...क्या कर सकते हैं?

राज भाटिय़ा said...

वोट दे कर जिन्होने यह आफ़त मोल ली है अब भुगते, फ़िर युवराज को भी तो राज गद्दी पर बिठाना है जी अभी से बस.... अजी नही हम कभी नही सुधरेगे बार बार इसी सरकार को लायेगे......:)

sangeeta swarup said...

बढ़िया चुटकी

डॉ. मनोज मिश्र said...

....मेरे यार....
vaah,bahut badhiya--narayan-narayan.

sangeeta swarup said...

अँधेरा है,रोशनी नहीं है...ये कविता चर्चा मंच पर ली गयी है..

http://charchamanch.blogspot.com/2010/05/163.html