Friday 15 January 2010

रसोई पर ग्रहण

---- चुटकी----

जनता की
उम्मीदों का
हो गया दहन,
घर की
रसोई पर
लग गया
महंगाई का ग्रहण।

5 comments:

shikha varshney said...

अरे वो तो कब से लगा हुआ है नारद मुनि जी ! अब तो बस गहराता जा रहा है

मनोज कुमार said...

बिल्कुल सही.

Udan Tashtari said...

सत्य वचन...नारायण...नारायण!!

Rekhaa Prahalad said...

ग्रहण के बाद ग्रहण
चन्द्र, सूर्य ग्रहण कुछ घंटो मे छूट जाते है,
उफ़ ये महंगाई ग्रहण के छूटने के आसार नहीं नज़र आते:(

डॉ. मनोज मिश्र said...

लग गया
महंगाई का ग्रहण।