Friday, November 27, 2009

----चुटकी----

लिब्रहान आयोग
की जाँच,
डोंट वरी
किसी पर भी
नहीं आएगी आंच।

4 comments:

A.U.SIDDIQUI said...

राजनीती के खेल में
लोकप्रियता की धक्कम पेल में
एक दूजे के प्रहार में
रुपयों की बौछार में
सच और न्याय कहीं खो गया है
मेरे देश को क्या हो गया है
मेरे देश............
@A.u.siddiqui

Udan Tashtari said...

नारायण!! नारायण!!

डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह said...

good rythmical approach makes yr writings interesting.keep writing and provide taste ful reading to all.
my heartly best wishes.
dr.bhoopendra
jeevansandarbh.blogspot.com

seema gupta said...

ha ha ha well said..

regards