Sunday 1 November 2009

घर से चाँद तक रोड

लल्लू ने नारायण नारायण का जाप करके भगवान विष्णु को प्रसन्न कर लिया। विष्णु जी प्रकट हुए।

विष्णु जी--लल्लू मैं तुम्हारी भक्ति से खुश हूँ,वर मांगो।
लल्लू-- भगवन, मेरी चाँद पर जाने की इच्छा है। मेरे घर से चाँद तक रोड बना दो।
विष्णु जी--हमारे विधान के अनुसार यह सम्भव नहीं है, कोई और वर मांग लो वत्स।
लल्लू --ठीक है। मेरी बीबी को मेरी आज्ञाकारी बना दो।
विष्णु जी--रोड सिंगल चाहिए या डबल।

9 comments:

Suman said...

डबल।nice

अजय कुमार झा said...

हा....हा....हा...बिल्कुल ठीक भगवान जी ने टाईम पर सही औप्शन चुन लिया ..बहोत खूब..वैसे हम सोच रहे थे कि सडक बन जाती तो ..पानी भर लाते चांद से ..सुना नया कुंआ मिला है..।

राज भाटिय़ा said...

नारद मुनि जी भगवान की पोल पट्टी भी खोल दी... नारायण नारायण

VIVEK SACHAN"Aviral" said...

Thanx yar for vistng my blog
apki klm me dhar hai

VIVEK SACHAN"Aviral" said...

Thanx for vsting my blog
u have a effctv emprsn

sunilbhatt said...

satya vachan maharaj

महफूज़ अली said...

hahahahahahaha,...........maza aa gaya.........

शरद कोकास said...

बेचारे भगवान....।
शरद कोकास "पुरातत्ववेत्ता " http://sharadkokas.blogspot.com

रचना दीक्षित said...

लल्लू ने नारायण नारायण का जाप करके भगवान विष्णु को प्रसन्न कर लिया। विष्णु जी प्रकट हुए।

लगता है आज कल भगवान ल्लुओं के जाप से ही प्रसन्न होते हैं
मेरे ब्लॉग पर आने और मेरे प्रयोग को परख कर सुंदर प्रतिक्रिया के लिए
आभार रचना दीक्षित