Sunday 25 April 2010

ओ...तेरी की

----चुटकी----

अगर
ललित मोदी थे
इतने ज्यादा
ख़राब,
तो अभी तक
आप
चुप्प क्यों थे
जनाब।

2 comments:

काजल कुमार Kajal Kumar said...

लड़ाई बंटवारे की है. जब हिस्सा मारा गया तब झटका लगा.

डॉ. मनोज मिश्र said...

सही है,नारायण-नारायण.