Monday, 12 April, 2010

इसलिए रोती है मां

बेटा जब
रोटी नहीं खाता
तब
रोती है मां,
बाद में जब
बेटा रोटी
नहीं देता
तब रोती है मां ।

यह एक दोस्त के मोबाइल फोन में पढ़े गए एक सन्देश से प्रेरित है।

5 comments:

Udan Tashtari said...

माँ की किस्मत में बेटे के रोना ही बदा है...नारायण नारायण!!

Suman said...

nice

Shekhar kumawat said...

kam sabdo me jan nikal di aap ne


duniya ka shaswat sach he

bahut kub
और दूर गगन में चुपके से देखो
आहट किसी की "मुझको पुकारे"
http://kavyawani.blogspot.com/

shekhar kumawat

बेचैन आत्मा said...

अच्छा सामाजिक व्यंग्य।

सीमा सचदेव said...

गागर में सागर । कितनी सही बात कह दी आपने