Thursday, 2 February, 2012

शंकर पन्नू ने करवाई कांडा की मुर्दाबाद,हाय-हाय


श्रीगंगानगर-पूर्व सांसद शंकर पन्नू के सच्चे शब्दों ने नगर विकास न्यास अध्यक्ष ज्योति कांडा की मुर्दाबाद...हाय-हाय करवा दी। समारोह का जायका बिगाड़ दिया। गले में पड़े फूलों माला चुभने लगी। करनी मार्ग पर रेल फाटक उदघाटन समारोह था। छोटा सा शामियाना लगाया गया। हीरा लाल इंदौरा,शंकर पन्नू जैसे बड़े कांग्रेस नेता बुलाए गए। पूरी यूआईटी थी। साइड में वे परिवार भी खड़े थे जिनके मकान तोड़े थे। शंकर पन्नू ने बोलना शुरू किया। वे उनको देख कर बोले...कब्जा किया जब पूछा था क्या...तब अंदर कर देते तो.... इसके बाद पन्नू जी ने क्या बोलना था। वे परिवार शोर मचाने लगे जो मकानों की उम्मीद लगाए थे। शोर मचाते हुए मंच के करीब आ गए। पुलिस ने उनको दूर किया। वे जयोति कांडा मुर्दाबाद...हाय हाय करने लगे। हीरा लाल इंदौरा ने मंच से समझाया। ज्योति कांडा ने भाषण दिया। किसने सुनना था। मुर्दाबाद हाय हाय होती रही। कुछ क्षण बाद यूआईटी चली गई। नेता भी रवाना हो लिए। मकान मांगने वालों ने वहाँ लगे होर्डिंग को निशाना बनाया। पहले दोनों होर्डिंग पर ज्योति कांडा की फोटो पर गीली मिट्टी फेंकी। फिर फोटो पर पत्थर मार कर छेद किए। मन नहीं भरा तो होर्डिंग उखाड़ डाले। उनकी चिंदी चिंदी कर जिसके हाथ में जो आया वह उसे लेकर चलता बना। कोई बांस ले गया। किसी के हाथ लोहा आया। कोई फ़्लेक्स समेत कर चलता बना।जितना समय होर्डिंग को बनाने में लगा होगा उससे कम समय में उसको तार-तार करने में लगा। सभी खुश। शंकर पन्नू भी और कांडा जी भी। शंकर पन्नू की बात तो सच्ची थी किन्तु मौका और स्थान सही नहीं था। केवल उदघाटन होता तो मीडिया में उतना प्रचार नहीं होता। जितना अब होगा। इसीलिए तो कहते हैं कि कड़वा सच पत्थर के समान होता है,मगर वह नुकसान पत्थर की चोट से भी अधिक करता है।

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