Tuesday 21 February 2012

प्रभारी मंत्री ने की बस जनसुनवाई

श्रीगंगानगर-राजस्थान सरकार के जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत प्रभारी मंत्री विनोद कुमार ने कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई की। पहली अर्जी सिंचाई विभाग के बारे में थी। मगर विभाग के एससी नहीं थे। उनके स्थान पर जो अधिकारी आया उससे पूछा गया तो वह कहने लगा कि एससी ही कर सकते हैं। उसके बाद एससी को बुलाया गया। बिजली वालों के लिए तो खुद कलेक्टर अंबरीष कुमार ने मेज बजा कर आवाज लगाई। लेकिन कोई होता तो आता। ऐसे ही शिक्षा विभाग के अधिकारी की आवाज लगती रही। सुनवाई के समय मदद करने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता सभाकक्ष में थे। बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। मंत्री ने अर्जी ली,उसकी बात सुनी,अधिकारी से पूछा और अर्जी उसके हवाले कर दी। या तो मंत्री ने खुद कह दिया कि अधिकारी से मिल लेना या खुद अधिकारी बोल पड़ा,मुझसे आकर मिल लेना। जो भी लोग आए उनके काम लंबे समय से अटके हैं। किन्तु उनको आज भी यह बताने वाला कोई नहीं था कि उनका काम कब होगा। मंत्री के साथ कलेक्टर,एसपी, विधायक राधेश्याम गंगानगर,संतोष सहारण,कांग्रेस नेता राजकुमार गौड़,कुलदीप इंदौरा,पृथ्वी पाल सिंह सहित अन्य नेता पदाधिकारी भी थे। अधिकांश तो बस उपस्थिति लगाने के लिए ही थे। जिनकी सुनवाई करनी थी वे बाहर थे अपनी बारी के इंतजार में।

अव्यवस्था रही मंत्री की सुनवाई में

श्रीगंगानगर-प्रभारी मंत्री की जन सुनवाई के समय शुरू में तो काफी अव्यवस्था का माहौल रहा। शोर इतना अधिक था कि कौन क्या कह रहा है सुना ही नहीं जा रहा था। बड़ी संख्या में लोग एक साथ अंदर आ गए। पत्रकार भी बहुत अधिक थे। एसपी ने कलेक्टर के इशारे पर पत्रकारों से पूछा भी। एसपी ने पत्रकारों को बाहर ले जाने के प्रयास भी किए। लेकिन पार नहीं पड़ी। कुछ समय बाद बार बारी से एक एक करके बुलाने का सिलसिला शुरू हुआ तब कहीं जाकर कोई व्यवस्था बनी। जो जनप्रतिनिधि देरी से आए उनको उनके अनुकूल स्थान पर बैठने के लिए कई बार कुर्सी खिसकानी पड़ी। जिला प्रमुख के आने पर तो कलेक्टर,एसपी को भी कुर्सी छोडकर उनके लिए कुर्सी लगवानी पड़ी।

शंकर पन्नू पहुंचे किसानों के साथ प्रभारी मंत्री के दरबार में

श्रीगंगानगर- कांग्रेस के इस शासन किसानों की सुनवाई नहीं हो रही। अगर किसानों की सुनवाई होती तो कांग्रेस नेता पूर्व सांसद शंकर पन्नू को खुद गन्ना उत्पादकों का प्रतिनिधिमंडल लेकर सुनवाई के लिए प्रभारी मंत्री के दरबार में नहीं आना पड़ता। वे अन्य कांग्रेस नेताओं की तरह अंदर नहीं बैठे थे। शंकर पन्नू गन्ना उत्पादकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। वे बिना के किसानों के साथ अंदर गए। मंत्री से बात की। उनसे बाहर आकर किसानों से मिलने को कहा। प्रभारी मंत्री सुनवाई बीच में छोडकर बाहर आकर गन्ना उत्पादकों से मिले। गन्ना उत्पादकों ने शुगर मिल की हालत से मंत्री को अवगत करवाया। उनका कहना था कि मिल की हालत खराब है। गन्ना लिया नहीं जा रहा। चूंकि किसान अधिकतर श्रीकरनपुर क्षेत्र के थे इसलिए पृथ्वीपाल संधु भी उनके साथ हो लिए।

काली पट्टी लगा पत्रकार मिले प्रभारी मंत्री से

श्रीगंगानगर-नगर के कुछ पत्रकारों ने काली पट्टी लगाकर प्रभारी मंत्री से बात की। उनका कहना था कि नगर विकास न्यास उनको रियायती दर पर भूखंड नहीं दे रहा जबकि सरकार के आदेश हैं। न्यास अध्यक्ष ज्योति कांडा ने कहा कि वे रिजर्व प्राइज़ पर भूखंड देने को तैयार हैं। इस मसले पर कई पत्रकारों की कांडा जी से बोल चाल भी हुई। कांग्रेस नेताओं ने बीच बचाव किया। न्यास के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार गौड़ ने प्रभारी मंत्री को बताया कि इसके लिए पीआरओ की चेयरमेनशिप में कमेटी बनाकर निर्णय लिया जाए। कांडा जी ने भूखंड से वंचित पत्रकारों को बात चीत के लिए बुलाया है।

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