Friday 22 October 2010

छोड़ गया वह साथ

जब जब
जिस जिस को

रखना चाहा
अपने
दिल के पास,
तब तब
अकेला रहा
छोड़ गया
वह साथ।

2 comments:

Dr. Ashok palmist blog said...

नारद जी यही तो दुनिया की सच्चाई हैँ। अब नहीँ देता कोई साथ। सुन्दर भाव भरे हैँ आपने इन पँक्तियोँ मेँ, बहुत-बहुत आभार जी। -: VISIT MY BLOG :- नारद जी आप आमंत्रित हैँ मेरे ब्लोग "Sansar" पर पढ़िये रचना .......आँखोँ मेँ काजल लगा दे रे

MAHENDRA KUMAR PUROHIT said...

kya bat hai maza aagaya in panktio sey to