Tuesday 4 August 2009

नींव कमजोर,कंगूरे खुबसूरत

आज अचानक एक गौशाला के निर्माणाधीन भव्य गेट पर निगाह थम गई। कई फुट ऊँचे उस गेट पर हजारों हजार रूपये लगेंगे। पता नहीं उस पर किस किस प्रकार की सजावट कर उसके दर्शनीय बनाया जाएगा। उसके पत्थर पर उनका नाम खुदेगा,जो धन देंगे। ताकि समाज में उनका रुतबा हो,नाम हो,लोग उनको धर्म प्रेमी,गोसेवक के रूप में जने,माने,उनका आदर करें। गौशाला प्रबंध समिति के पास करोडों की नहीं तो लाखों रुपयों की एफडी भी होगी। ऐसे ही शानदार आपको धर्मस्थल नजर आयेंगें। एक से एक देखने लायक। कीमती से कीमती सामान उस मन्दिर की शोभा बढ़ा रहा होता है। घर में पानी का गिलास ना लेने वाले लोग-लुगाई वहां सेवा करते दिखेंगें। सब कुछ होगा फ़िर भी भिखारियों की तरह भगवान से और मांगेगें। पता नहीं इनकी कामनाओं का अनत कब होगा? हम कहतें हैं ना हो इनकी कामनाओं का अंत। भगवान और दे इनको और देता ही रहे। इसके साथ थोड़ा सा दिमाग इनका जरुर बदल दे। ताकि ये जो कुछ गौशालाओं और धर्मस्थलों पर खर्च करतें हैं उसका कुछ अंश विद्या के मंदिरों पर भी खर्च करनेलग जायें। क्योंकि प्राइवेट स्कूल तो एक दुकान की तरह चलते हैं, इसलिए वहां तो सब सुविधा मालिक जुटाता है।लेकिन सरकारी स्कूल ऐसे नहीं होते। वहां स्टाफ तो ट्रेंड होता है मगर वह सब नहीं होता जिसकी जरुरत होती है। अब आप को ले चलते हैं एक सरकारी स्कूल के निकट। स्कूल का भव्य गेट तो क्या होना था, जो है उसका दरवाजा ऐसा कि कोई लात मार के तोड़ दे। स्कूल में सुविधा के नाम पर दुविधा ही दुविधा। सरकार ने वोट बैंक बढ़ाने के लिए मास्टर/मास्टरनी तो रख लीं, लेकिन स्कूल गौशाला जैसा भी नहीं है। समस्त काम सरकार नहीं कर सकती। नगर नगर में गौशालाएं सरकार तो नहीं बनवाती। यह सब नगर के वे लोग करते हैं जिनके पास धन और उसको समाज सेवा में लगाने का जज्बा होता है। क्या ही अच्छा हो कि गौशालाएं और धर्मस्थल बनाने वाले लोग स्कूलों पर भी ध्यान दे। इसके लिए सरकार को भी बहुत कुछ करना होगा। हर कोई अपने नाम और ख्याति के लिए धन लगाता है,समय देता है। सरकार ऐसे लोगों को खास तव्वजो दे जिस से ये लोग भारत के उस भवन कोशानदार,जानदार बनायें जहाँ नींव बने जाती है।

2 comments:

Science Bloggers Association said...

Poori tarah aapse sahmat.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

वाणी गीत said...

स्कूल खोलने वाले भी कौन सी जनता की सेवा कर रहे हैं ..??