Friday 9 January 2009

सरकार बजा रही है खड़ताल

---- चुटकी----

यहाँ से वहां तक
हड़ताल ही हड़ताल,
देश की सरकार
बजा रही है खड़ताल,
कौन और क्यूँ
करवा रहा है
यह सब, कोई तो
करे इसकी पड़ताल।

3 comments:

अभिषेक ओझा said...

सरकार खड़ताल ही तो बजा रही है !

Udan Tashtari said...

हड़ताल खत्म -अब पड़ताल होनी चाहिये.

राज भाटिय़ा said...

अगर यह सब चोंचले नही होगे तो इस भुखी जनता का ध्यान केसे हटेगा, फ़िर कोन देगा इस सरकार को वोट, खुदी करवा रही है यह सब नाटक.
नारायाण नारायण