Govind Goyal, journalist
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आतंकवा बेमानी है
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Saturday, September 20, 2008
आतंकवाद बेमानी है
---- चुटकी ----
कुर्सी नहीं है तो पानी है
अगर है तो बचानी है,
आतंकवाद ! छोड़ो भाई
ऐसे में ये बात बेमानी है।
---- --गोविन्द गोयल
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