--- मेरे मासूम सवालों के झूठे थे तेरे सभी जवाब, तेरी चाहत की दीवानगी में गुम हो गए मेरे सभी ख्वाब। ---- अमावस का हूँ अँधेरा, जो था पूनम की रात, दीप की भांति जलो तो बन जाये बात। ---- तुम्हारी तुला तोलने वाले भी तुम्हारे ही हाथ, ऐसे में कोई क्यूँ देने लगा मेरा साथ। ----- ***गोविंद गोयल