Govind Goyal, journalist
आम हो या ख़ास, आपकी बात, आपके पास
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Sunday, September 7, 2008
वक्त का खेल
-चुटकी-
वक्त भी देखो भाई
क्या क्या खेल दिखाता है,
जो कल तक था
मिस्टर १०%
वह प्रेजिडेंट बन जाता है।
--गोविन्द गोयल,श्रीगंगानगर
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