Govind Goyal, journalist
आम हो या ख़ास, आपकी बात, आपके पास
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फाल्गुन में प्यारा लागे
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फाल्गुन में प्यारा लागे
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Friday, February 19, 2010
फाल्गुन में प्यारा लागे [ प्रथम]
फाल्गुन में प्यारा लागे
मोहे मोरा सजना,
उसके बिना री सखी
काहे का सजना।
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कानों में मिश्री घोले
चंग का बजना,
घुंघरू ना बजते देखो
बिन मेरे सजना।
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रंगों के इस मौसम में
भाए कोई रंग ना,
फाल्गुन बे रंग रहा री
आये ना सजना।
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