Govind Goyal, journalist
आम हो या ख़ास, आपकी बात, आपके पास
Showing posts with label
ख़ुशी पर भारी गम
.
Show all posts
Showing posts with label
ख़ुशी पर भारी गम
.
Show all posts
Monday, January 4, 2010
ख़ुशी पर भारी गम
तमाम खुशियों पर
भारी है
तेरी
जुदाई का गम,
मिलने के
सारे के सारे
जतन
पड़ गए कम,
हो सके तो
चले आना
मेरी ओर,
निकलने को है
अब मेरा दम।
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)